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इस बार 25 नवंबर को विराम लेगी चारधाम यात्रा

This time the Chardham Yatra will end on November 25.

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इस बार 25 नवंबर को विराम लेगी चारधाम यात्रा

  • 25 नवंबर को दोपहर 2:56 बजे शीतकाल के लिए बंद किए जाएंगे बदरीनाथ धाम के कपाट 

  • 23 अक्टूबर से 25 नवंबर के मध्य सिर्फ बदरीनाथ धाम में ही दर्शन कर सकेंगे यात्री

  • 22 अक्टूबर को गंगोत्री, 23 अक्टूबर को बंद हो जाएंगे यमुनोत्री व केदारनाथ धाम के कपाट

गोपेश्वर, 03 अक्टूबर 2025: शीतकाल के लिए बदरीनाथ धाम के कपाट 25 नवंबर को दोपहर 2:56 बजे बंद किए जाएंगे। इसी के साथ हिमालय की चारधाम यात्रा भी विराम ले लेगी। धाम में कपाट बंद करने के निमित्त होने वाली पंच पूजाएं 21 नवंबर से शुरू होंगी। जबकि, भगवान बदरी विशाल की  विग्रह डोलियां धाम से शीतकालीन गद्दीस्थल पांडुकेश्वर व ज्योतिर्मठ के लिए 26 नवंबर को प्रस्थान करेंगी।

बदरीनाथ धाम में विजयादशमी पर्व पर धार्मिक समारोह आयोजित किया गया था। इस दौरान श्री बदरीनाथ-केदारनाथ मंदिर समिति के अध्यक्ष हेमंत द्विवेदी, उपाध्यक्ष ऋषि प्रसाद सती, मुख्य कार्याधिकारी विजय प्रसाद थपलियाल, धर्माधिकारी राधाकृष्ण थपलियाल, वेदपाठी रविंद्र भट्ट व अमित बंदोलिया, मंदिर समिति के सदस्य श्रीनिवास पोस्ती, पंडित मोहित सती आदि की मौजूदगी में धाम के मुख्य पुजारी रावल अमरनाथ नंबूदरी ने धाम के कपाट बंद करने की तिथि व मुहूर्त की घोषणा की।

2026 के लिए हक-हकूकधारियों को की पगड़ी भेंट

समारोह में वर्ष 2026 के लिए हक-हकूकधारी भंडारी थोक से मनीष भंडारी, मेहता थोक से महेंद्र सिंह मेहता व दिनेश भट्ट और कमदी थोक से कुलभूषण पंवार को पगड़ी भेंट की गई। साथ ही सभी थोकों के पदाधिकारियों को सम्मानित भी किया गया।

धाम में पंच पूजा और विग्रहों के प्रस्थान का कार्यक्रम

  • 21 नवंबर : सुबह भगवान गणेश की पूजा होगी और शाम को बंद किए जाएंगे गणेश मंदिर के कपाट।

  • 22 नवंबर : आदि केदारेश्वर मंदिर और शंकराचार्य मंदिर के कपाट होंगे बंद।

  • 23 नवंबर : बंद होगा खडग पुस्तक का वाचन।

  • 24 नवंबर : माता लक्ष्मी को अर्पित होगा कढ़ाई भोग। इसके बाद माता लक्ष्मी को भगवान नारायण के साथ गर्भगृह में विराजमान होने का न्योता देने लक्ष्मी मंदिर जाएंगे रावल।

  • 25 नवंबर : गर्भगृह में विराजमान होंगी माता लक्ष्मी। दोपहर 2:56 बजे बंद होंगे धाम के कपाट।

  • 26 नवंबर : भगवान बदरी विशाल के प्रतिनिधि एवं बालसखा उद्धवजी, देवताओं के खजांची कुबेरजी व भगवान बदरी विशाल के वाहन गरुड़जी के साथ आदि शंकराचार्य की गद्दी डोली शीतकालीन प्रवास पांडुकेश्वर व नृसिंह मंदिर ज्योतिर्मठ के लिए करेगी प्रस्थान।

  • 27 नवंबर : नृसिंह मंदिर ज्योतिर्मठ पहुंचेगी भगवान बदरी विशाल के वाहन गरुड़जी के साथ आदि शंकराचार्य की गद्दी डोली।

Global Ganga News

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