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नंदादेवी राजजात :  मूल स्वरूप से छेड़छाड़ न करने और शीघ्र SOP बनाने के निर्देश

Nanda Devi Raj Jat: Instructions not to tamper with the original form and to prepare SOP soon

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देहरादून, 25 सितंबर 2025। वर्ष 2026 में होने वाली विश्वविख्यात नंदादेवी राजजात यात्रा की तैयारियों को लेकर गुरुवार को सचिवालय में एक उच्च स्तरीय समीक्षा बैठक आयोजित हुई। मुख्य सचिव (CS) आनंद वर्द्धन ने बैठक की अध्यक्षता करते हुए यात्रा की ऐतिहासिकता और मौलिकता को बनाए रखने पर जोर दिया और स्पष्ट किया कि इसके मूल स्वरूप से किसी भी प्रकार की छेड़छाड़ बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

SOP और दस्तावेज़ीकरण पर ज़ोर

मुख्य सचिव ने जिलाधिकारी चमोली को निर्देश दिए कि सभी संबंधित विभागों के बीच तुरंत समन्वय स्थापित किया जाए और संपूर्ण यात्रा के लिए मानक संचालन प्रक्रिया (SOP) शीघ्रता से तैयार की जाए। इसके साथ ही, उन्होंने यात्रा के महत्व को दर्शाने वाली एक डॉक्यूमेंट्री तैयार करने पर भी जोर दिया।

मार्गों की मरम्मत और मूलभूत सुविधाओं के निर्देश

बैठक में CS ने इस वर्ष की भारी वर्षा से प्रभावित हुए यात्रा मार्गों और पड़ावों की स्थिति का जायजा लेने के लिए शीघ्र रेकी (पुनर्निरीक्षण) कराने के निर्देश दिए। रेकी के बाद मार्गों और पड़ावों को दुरुस्त करने का काम तुरंत शुरू करने को कहा गया है। श्रद्धालुओं के लिए टेंट और अन्य मूलभूत सुविधाओं की पुख्ता व्यवस्था सुनिश्चित करने के भी आदेश दिए गए हैं।

स्वास्थ्य और पर्यावरण प्रबंधन प्राथमिकता में

मुख्य सचिव ने यात्रा से जुड़े स्थायी और अस्थायी कार्यों की प्राथमिकता तय करने और अनिवार्य बड़े कार्यों को तुरंत शुरू करने के निर्देश दिए। स्वास्थ्य विभाग को ख़ास तौर पर निर्देशित किया गया कि हर पड़ाव पर चिकित्सकों, दवाओं, पोर्टेबल ऑक्सीजन और अन्य आवश्यक स्वास्थ्य उपकरणों की उपलब्धता सुनिश्चित की जाए।
पर्यावरण की सुरक्षा के लिए वेस्ट मैनेजमेंट, सेप्टिक मैनेजमेंट और सेनिटेशन मैनेजमेंट प्लान तैयार करने के भी निर्देश दिए गए हैं, ताकि श्रद्धालुओं को असुविधा न हो और पर्यावरण को भी नुकसान से बचाया जा सके।
बैठक में एपीसीसीएफ कपिल लाल, सचिव विनोद कुमार सुमन, धीराज सिंह गर्ब्याल, सी. रविशंकर, अपर सचिव विनीत कुमार सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।

SOP में निम्नलिखित महत्वपूर्ण पहलुओं को शामिल करने पर जोर दिया गया है:

विद्युत आपूर्ति और स्वास्थ्य सुविधाएं
भीड़ प्रबंधन (Crowd Management)
खाद्य सामग्री की गुणवत्ता
ठोस अपशिष्ट प्रबंधन (Solid Waste Management)

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