आपदा प्रबंधन

मिसाल बना उत्तराखंड का आपदा प्रबंधन माडल

Uttarakhand's disaster management model becomes an example becomes an example

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मिसाल बना उत्तराखंड का आपदा प्रबंधन मॉडल

देहरादून, 20 सितंबर 2025: पिछले चार महीनों में उत्तराखंड को प्रकृति के कई विकराल रूपों का सामना करना पड़ा है। धराली, थराली, पौड़ी, टिहरी, पिथौरागढ़, हरिद्वार, देहरादून और चमोली जैसी जगहों पर हुई भारी बारिश और भूस्खलन की घटनाओं ने राज्य को बुरी तरह प्रभावित किया। इन आपदाओं ने 2013 की त्रासदी की यादें ताज़ा कर दीं, लेकिन इस बार एक बदलाव देखने को मिला—वह था “तैयारी, शीघ्र प्रतिक्रिया और नेतृत्व की मौजूदगी”। इसी वजह से जान-माल का नुकसान कम हुआ। आज उत्तराखंड के आपदा प्रबंधन मॉडल की मिसाल दी जा रही है।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में राज्य और केंद्र की एजेंसियाँ—एसडीआरएफ, एनडीआरएफ, सेना और स्थानीय प्रशासन—आपदा के तुरंत बाद सक्रिय हो गए। धराली में अचानक आई तबाही के बाद हेलीकॉप्टर से आपूर्ति, बचाव दलों की तैनाती और तत्काल राहत शिविर स्थापित किए गए, जिससे प्रभावितों तक समय पर मदद पहुँची। इस समन्वय ने राहत कार्यों को गति और पारदर्शिता दोनों दी।
धामी मॉडल की सबसे बड़ी खासियत मुख्यमंत्री का खुद ग्राउंड-प्रेजेंस और सक्रिय निगरानी है। हर आपदा के तुरंत बाद सीएम धामी ने स्वयं घटनास्थल का दौरा किया, राहत कार्यों का जायजा लिया और प्रभावित परिवारों से सीधे बात की। हाल ही में उन्होंने देहरादून के सहस्त्रधारा, मसूरी रोड और टपकेश्वर मंदिर क्षेत्र का भी स्थलीय निरीक्षण किया। इस सक्रिय नेतृत्व ने न केवल जनता का विश्वास बढ़ाया बल्कि प्रशासन की प्रतिक्रिया को भी तेज़ किया।
राज्य सरकार ने प्रभावित परिवारों को तत्काल आर्थिक मदद के रूप में पाँच लाख रुपये तक के पैकेज की घोषणा की और चेक वितरण की प्रक्रिया भी तेज़ की। इसके अलावा, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी उत्तराखंड के लिए 1,200 करोड़ रुपये के तात्कालिक राहत पैकेज की घोषणा की, जिससे पुनर्निर्माण कार्यों को गति मिली।
यह मॉडल तैयारी और त्वरित तैनाती पर आधारित है। इसमें मौसम की लगातार निगरानी, जोखिम वाले इलाकों में समय पर रेड/ऑरेंज अलर्ट जारी करना और विभिन्न बचाव एजेंसियों को एक एकीकृत कंट्रोल रूम से निर्देशित करना शामिल है। स्थानीय प्रतिनिधियों की मदद से राहत सामग्री वितरण में पारदर्शिता सुनिश्चित की गई है।
हाल ही में एक प्रतिष्ठित न्यूज़ ग्रुप द्वारा किए गए सर्वे में भी सीएम धामी के आपदा प्रबंधन मॉडल की सराहना की गई है, जिसमें इसे आपदा प्रभावित राज्यों में सबसे बेहतर बताया गया है। उत्तराखंड में आई ये आपदाएँ केवल प्राकृतिक घटनाएँ नहीं, बल्कि शासन-प्रणाली की एक बड़ी परीक्षा थीं, जिसमें ‘धामी मॉडल’ सफल साबित हुआ है।

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