
रंगमंच के प्रति आकर्षण बढ़ाने को ‘द प्रपोजल’ का मंचन
दर्शकों को रंगमंच तक लाना और उनमें रंगमंच के प्रति आकर्षण बढ़ाना था नाटक के मंचन का मूल उद्देश्य
देहरादून, 12 जनवरी 2026: दून पुस्तकालय एवं शोध केन्द्र के सभागार में सोमवार को स्कूल ऑफ थिएटर एंड फिल्म के सहयोग से एंटोन चेखव की कहानी पर आधारित नाटक द प्रपोजल का मंचन हुआ। हिंदी में तैयार 35 मिनट की अवधि का यह नाटक अंत तक दर्शकों को बांधे रहा। मंचन का उद्देश्य दर्शकों को रंगमंच तक लाना और उनमें रंगमंच के प्रति आकर्षण बढ़ाना था।

नाटक के निर्देशक कैलाश कंडवाल ने बताया कि यह नाटक किसी एक दिन की घटना पर आधारित है, जिसमें एक युवक अपने पड़ोस की एक लड़की को विवाह का प्रस्ताव देना चाहता है, लेकिन हर बार उन दोनों के बीच किसी-न-किसी बात पर झगड़ा हो जाता है। कभी जमीन को लेकर तो कभी कुत्ते की तारीफ को लेकर। …और फिर बात वहीं-की-वहीं रह जाती है। लड़की का पिता, जो लड़की की बढ़ती उम्र से परेशान है, वो भी चाहता है कि उसकी शादी इसी पड़ोस के लड़के से हो जाए, लेकिन लड़की का गुस्सा बार-बार सब बिगाड़ देता है। हालांकि, अंत में यह प्रस्ताव मंजूर हो जाता है और दोनों विवाह के लिए राजी हो जाते हैं। कुल मिलाकर पूर्णतः मनोरंजन पर आधारित यह नाट्य प्रस्तुति एक रोमांटिक कॉमेडी भी है।

इसमें भाग लेने वाले कलाकार थे- कैलाश कंडवाल, अभिषेक डोभाल, आरती शाही, प्रताप सिंह और निशांत राही।नाटक के मंच की सज्जा प्रताप सिंह की थी और वेशभूषा संयोजन आरती शाह ने किया। इस भावपूर्ण नाटक प्रस्तुति के दौरान शहर के अनेक रंगमंच प्रेमी, रंगकर्मी, युवा, छात्र, अन्य प्रबुद्ध लोगों सहित पुतुल कलाकार रामलाल, हिमांशु आहूजा, जयराज, देवेन्द्र कांडपाल, विनोद सकलानी, विजय पाहवा, दून पुस्तकालय एवं शोध केन्द्र के डॉ. लालता प्रसाद, सुंदर सिंह बिष्ट, राकेश कुमार आदि उपस्थित रहे।

रंगमंच को व्यावसायिकता से जोड़ना समय की जरूरत
नाटक के निर्देशक कैलाश कंडवाल ने बताया कि देहरादून शहर की सभी संस्थाओं को वरिष्ठ रंगकर्मियों के सहयोग से नवोदित प्रतिभाओं को मंच प्रदान करना भी हमारा एक उद्देश्य है। ताकि शहर फिर से रंगमंच के उस माहौल से रू-ब-रू हो सके, जो काफी पहले था। हालांकि, पहले के मुकाबले परिस्थितियां काफी बदल चुकी है, इसलिए अब रंगमंच को व्यावसायिकता की तरफ भी मुड़ना होगा और इस सबके संयुक्त प्रयास से ही संभव हैं।

उन्होंने बताया कि स्कूल ऑफ़ थिएटर एंड फिल्म्स विद्यार्थियों व शिक्षकों की ऐसी संस्था है, जो थिएटर और फिल्म को बढ़ावा देने का कार्य कर रही है। संस्था ने इस साल की शुरुआत देहरादून के थिएटर को पुनर्जीवन देने की कोशिश से की है। इस अभियान के तहत संस्था अपने इस प्रदर्शन को शहर के हर कोने में ले जा रही है। इस दौरान संस्था रंगमंच प्रदर्शन व रिहर्सल स्थलों की जानकारी जुटाने के साथ रंगमंच के लिए नए उभरते कलाकारों को जोड़ने की कोशिश कर रही है।





