
हरिद्वार, 11 अक्टूबर 2025: अगर आपके घर में डा. पाल्स फार्मास्यूटिकल्स इंडिया प्राइवेट लिमिटेड का कफ सीरप या कोई और दवा रखी है, तो सावधान हो जाइए। उत्तराखंड औषधि नियंत्रण विभाग (एफडीए) ने हरिद्वार सिडकुल स्थित इस कंपनी के सभी दवाओं के उत्पादन पर रोक लगा दी है। साथ ही स्टोर में रखी तैयार दवाओं की बाजार में सप्लाई पूरी तरह से बंद करने के निर्देश दिए गए हैं।
एफडीए ने कंपनी का ड्रग मैन्युफैक्चरिंग लाइसेंस रद्द करने की संस्तुति राज्य औषधि आयुक्त कार्यालय को भेजी है। यह बड़ी कार्रवाई कंपनी द्वारा गुड मैन्युफैक्चरिंग प्रैक्टिस के निर्धारित मानकों का पालन न करने पर की गई है।
ड्रग आयुक्त ताजबर सिंह के निर्देश पर विभाग ने दवा निर्माण और बिक्री में गड़बड़ी के खिलाफ विशेष अभियान शुरू किया है। इसी क्रम में सीनियर ड्रग इंस्पेक्टर अनीता भारती और सेंट्रल ड्रग्स स्टैंडर्ड कंट्रोल ऑर्गेनाइजेशन की टीम ने कंपनी का औचक निरीक्षण किया।
निरीक्षण के दौरान टीम ने कंपनी में कई गंभीर खामियां पाईं, जैसे दवाओं की गुणवत्ता नियंत्रण प्रणाली में लापरवाही, उत्पादन इकाई में साफ-सफाई की खराब व्यवस्था, कच्चे माल के अनुचित भंडारण और तकनीकी मानकों की अनदेखी। इसके अलावा दवा निर्माण से जुड़े कई दस्तावेज अधूरे या गायब मिले।
टीम ने मौके से कई नमूने कब्जे में लेकर प्रयोगशाला जांच के लिए भेज दिए हैं, ताकि दवाओं की गुणवत्ता और सुरक्षा की वास्तविक स्थिति सामने आ सके।



