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ये रसगुल्ले नहीं हो सकते, पर दिखते तो वैसे ही हैं

These may not be rasgullas, but they look just like them.

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ये रसगुल्ले नहीं हो सकते, पर दिखते तो वैसे ही हैं

देहरादून, 14 अक्टूबर 2025 :  त्योहारों की मिठास में कड़वाहट घोल देने वाली खबर राजधानी से आई है। पटेल नगर थाना क्षेत्र में स्वास्थ्य विभाग की टीम ने एक इमारत के बेसमेंट से करीब 50 क्विंटल रसगुल्ले बरामद किए हैं। इस बेसमेंट को गोदाम के रूप में इस्तेमाल किया जा रहा था, जहां विभिन्न ब्रांडों के रसगुल्ले बड़े पैमाने पर स्टोर किए गए थे।

जांच में सामने आया कि इन रसगुल्लों की कीमत सिर्फ ₹111.76 प्रति किलो दर्ज की गई थी — यानी बाजार भाव से कहीं कम। सवाल यह उठता है कि इतनी कम कीमत में तैयार हुआ रसगुल्ला क्या सच में खाने लायक है? यही शंका स्वास्थ्य विभाग को भी खल रही है। टीम ने मौके से सैंपल लेकर प्रयोगशाला जांच के लिए भेज दिए हैं, ताकि मिठाई की गुणवत्ता और सुरक्षा का पता लगाया जा सके।

प्रारंभिक जांच में पता चला है कि यह गोदाम शहर के विभिन्न हिस्सों की करीब 15 मिठाई दुकानों को सप्लाई करता था। दिलचस्प बात यह है कि रसीदों में केवल दुकानों के नाम दर्ज हैं, लेकिन उनका पता नहीं। सूची में देहरादून से लेकर कालसी तक कई दुकानों के नाम शामिल हैं, जिससे इस नेटवर्क के व्यापक होने के संकेत मिलते हैं।

स्वास्थ्य विभाग ने फिलहाल पूरे मामले की विस्तृत जांच शुरू कर दी है। अधिकारियों का कहना है कि त्योहारों के मौसम में मिठाइयों की मांग बढ़ने के चलते मिलावटखोर सक्रिय हो जाते हैं, ऐसे में उपभोक्ताओं को सस्ती मिठाई के लालच में नहीं पड़ना चाहिए।

त्योहारों की रौनक के बीच यह कार्रवाई एक चेतावनी भरी मिठास लेकर आई है, क्योंकि दिखने में जितना मीठा, हर रसगुल्ला उतना सुरक्षित नहीं होता!

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