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राष्ट्रपति निकेतन में कीजिये प्रेजीडेंट्स बॉडीगार्ड के घोड़ों के दीदार

Visit the horses of the President's Bodyguard at Rashtrapati Niketan

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राष्ट्रपति निकेतन में कीजिये प्रेजीडेंट्स बॉडीगार्ड के घोड़ों के दीदार

यहां तैयार हो चुका है हॉर्स राइडिंग एरीना,  मिलेगा राष्ट्रपति परंपरा से सीधा जुड़ने का अवसर

देहरादून, 28 अक्टूबर 2025 : अस्थायी राजधानी देहरादून का राष्ट्रपति निकेतन अब एक और अनोखे आकर्षण के रूप में सामने आ रहा है। राष्ट्रपति निकेतन परिसर में तैयार किया गया हॉर्स राइडिंग एरीना जल्द ही आम जनता के लिए खोला जाएगा। यह एरीना न केवल राष्ट्रपति सचिवालय की नई पहल का हिस्सा है, बल्कि स्थानीय निवासियों और पर्यटकों के लिए एक रोमांचक अनुभव भी बनने जा रहा है।

इस हॉर्स राइडिंग एरीना में राष्ट्रपति भवन, नई दिल्ली से प्रेजीडेंट्स बॉडीगार्ड के छह घोड़े लाए जा रहे हैं। ये घोड़े भारत की सबसे पुरानी और गौरवशाली सैन्य परंपरा  प्रेजीडेंट्स बॉडीगार्ड — का प्रतीक हैं। यहां आने वाले लोग इन घोड़ों की सवारी, देखभाल, प्रशिक्षण और अनुशासन की प्रक्रिया को नजदीक से देख सकेंगे। यह अवसर आम नागरिकों को देश की सैन्य शान और राष्ट्रपति परंपरा से सीधा जुड़ने का अवसर प्रदान करेगा।

राष्ट्रपति सचिवालय के जन संपर्क अधिकारी कुमार समरेश ने बताया कि राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्मू की आगामी प्रस्तावित दून यात्रा के दौरान इस हॉर्स राइडिंग एरीना का लोकार्पण किए जाने की संभावना है। उन्होंने कहा कि राष्ट्रपति निकेतन और राष्ट्रपति तपोवन को आम लोगों के लिए और अधिक आकर्षक बनाने के उद्देश्य से कई परियोजनाओं पर तेजी से कार्य किया जा रहा है।

पहाड़ी वास्तुशिल्प से सजा फुटओवर ब्रिज भी तैयार

राष्ट्रपति निकेतन परिसर तक आगंतुकों के सुगम और सुरक्षित पैदल आवागमन के लिए राजपुर रोड पर एक आकर्षक फुटओवर ब्रिज का निर्माण पूरा कर लिया गया है। इस पुल की डिजाइन पारंपरिक पहाड़ी वास्तुशिल्प की छाप लिए हुए है, जो स्थानीय सांस्कृतिक विरासत को दर्शाती है।

32 मीटर लंबे और चार मीटर चौड़े इस पुल में दोनों ओर लिफ्ट की सुविधा भी उपलब्ध कराई गई है ताकि हर आयु वर्ग के लोग आसानी से इसका उपयोग कर सकें। लोक निर्माण विभाग (उत्तराखंड) द्वारा निर्मित यह पुल मात्र छह माह की अवधि में तैयार किया गया है। इसका उद्देश्य राष्ट्रपति निकेतन, राष्ट्रपति तपोवन और आसपास के क्षेत्रों में पर्यटकों के निर्बाध आवागमन को सुनिश्चित करना है।

132 एकड़ में आकार ले रहा राष्ट्रपति उद्यान

राष्ट्रपति निकेतन के समीप 132 एकड़ में तैयार हो रहा राष्ट्रपति उद्यान भी निर्माणाधीन है। राष्ट्रपति सचिवालय के अनुसार, यह परियोजना “सुगम्यता, सततता और सामुदायिक सहभागिता” के सिद्धांतों पर आधारित है। इस उद्यान में थीम आधारित बाग, तितली गृह, पक्षीशाला, झील, साइकिल ट्रैक, मुक्ताकाशी रंगमंच, सार्वजनिक पुस्तकालय और फूड प्लाज़ा जैसी कई आधुनिक सुविधाएं होंगी। उद्यान में देश का दूसरा सबसे ऊँचा राष्ट्रीय ध्वज स्तंभ भी स्थापित किया जाएगा, जो इसकी पहचान का प्रतीक बनेगा। परियोजना के अगले वर्ष तक पूरा होने की संभावना है, जिसके बाद यहाँ प्रतिवर्ष लगभग 20 लाख आगंतुकों के आने का अनुमान है।

तेजी से बढ़ रहा राष्ट्रपति निकेतन का आकर्षण

राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्मू द्वारा बीते 20 जून को राष्ट्रपति निकेतन और राष्ट्रपति तपोवन का लोकार्पण किए जाने के बाद से ये स्थल देहरादून के प्रमुख पर्यटन स्थलों में तेजी से उभर रहे हैं। राष्ट्रपति सचिवालय के आंकड़ों के अनुसार, बीते चार महीनों में राष्ट्रपति निकेतन में 4,753 लोग तथा राष्ट्रपति तपोवन में 15,567 लोग भ्रमण कर चुके हैं।

देहरादून जिला प्रशासन के अनुसार, इन परिसरों के लोकार्पण के बाद न केवल स्थानीय पर्यटन को बढ़ावा मिला है, बल्कि यह स्थान सांस्कृतिक, पर्यावरणीय और सामाजिक गतिविधियों का भी केंद्र बनते जा रहे हैं।

राष्ट्रपति सचिवालय के अतिरिक्त सचिव डॉ. राकेश गुप्ता ने हाल ही में देहरादून में अधिकारियों के साथ बैठक कर राष्ट्रपति की प्रस्तावित यात्रा की तैयारियों की समीक्षा की। उन्होंने निर्देश दिए कि राष्ट्रपति उद्यान और अन्य निर्माणाधीन परियोजनाओं को निर्धारित समयसीमा में पूरा किया जाए ताकि राष्ट्रपति की यात्रा के दौरान सभी परिसंपत्तियाँ जनता के लिए आकर्षण का Pकेंद्र बन सकें।

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