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हाथ में बेलचा-सब्बल लेकर खुद सड़क बनाने में जुटे लोग

People are busy building the road themselves with shovels and crowbars in their hands

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हाथ में बेलचा-सब्बल लेकर खुद सड़क बनाने में जुटे लोग

चमोली जिले के पोखरी विकासखंड स्थित डुंगर गांव में आज तक नहीं पहुंच पाई सड़क, चार किमी की दूरी पैदल नापकर मुख्य सड़क तक पहुंचते हैं लोग

देहरादून, 2 फरवरी 2026: सड़क की मांग करते-करते थक-हार चुके डुंगर के ग्रामीणों को अब किसी पर भरोसा नहीं रहा। इसलिए हाथों में बेलचा-सब्बल उठाकर निकल पड़े हैं पहाड़ को काटकर गांव तक पहुंचाने के लिए। सड़क बनाने के सारे संसाधन उन्होंने खुद ही जुटाए हैं और संकल्प लिया है कि गांव तक सड़क पहुंचाकर ही दम लेंगे।

सीमांत चमोली जिले के पोखरी ब्लाक की चंद्रशिला पट्टी का डुंगर गांव आज भी सड़क सुविधा से वंचित है। ऐसे में ग्रामीणों को पोखरी-गोपेश्वर मोटर मार्ग तक पहुंचने के लिए चार किमी की दूरी पैदल नापनी पड़ती है। सबसे बड़ी चुनौती तो बीमार व्यक्ति या किसी प्रसव पीड़िता को अस्पताल तक पहुंचाने की होती है। इसके लिए ग्रामीणों को डंडी-कंडी का सहारा लेना पड़ता है। ग्राम प्रधान दीक्षा बर्त्वाल बताती हैं कि ग्रामीणों के सामने यही एकमात्र विकल्प बचा था कि वह स्वयं सड़क बनाने के लिए आगे आएं।

पूर्व प्रधान सुनीता देवी कहती हैं कि बीते एक दशक से लोग चौखट-चौखट दस्तक देकर गांव को सड़क से जोड़ने की मांग उठा रहे हैं, लेकिन किसी स्तर पर सुनवाई नहीं हो रही। वहीं, सड़क काटने  में जुटे बसंती देवी, सुनीता देवी, राजेश्वरी देवी, भुवनेश्वरी देवी, रणजीत सिंह आदि ग्रामीणों ने बताया कि गांव की उपेक्षा से वह बेहद आहत हैं। यदि अब भी जिम्मेदारों ने गांव की सुध नहीं ली तो उन्हें वर्ष 2027 के विधानसभा चुनाव से स्वयं को अलग करने के लिए मजबूर होना पड़ सकता है।

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