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पगडंडियां नापकर गांव पहुंचे अफसर, रात में लगाई चौपाल 

The officers reached the village after measuring the footpaths and organised a Chaupal at night

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पगडंडियां नापकर गांव पहुंचे अफसर, रात में लगाई चौपाल

उत्तरकाशी, 2 नवंबर 2025 : सुविधाओं से वंचित दूरस्थ गांव अब प्रशासन की प्राथमिकता में आने लगे हैं। इसी बदलाव की बानगी शुक्रवार रात देखने को मिली, जब मुख्य विकास अधिकारी जय भारत सिंह ने भटवाड़ी ब्लॉक के दुर्गम झाला गांव में रात को चौपाल लगाई और ग्रामीणों से सीधा संवाद किया।

सर्द रात में भी पंचायत भवन लोगों से खचाखच भरा रहा। महिलाएं, बुजुर्ग, किसान और युवा अपनी-अपनी समस्याएं लेकर पहुंचे। किसी ने पेयजल संकट की बात की, तो किसी ने संपर्क मार्ग, शिक्षा, स्वास्थ्य और रोजगार से जुड़ी दिक्कतें सामने रखीं।

सीडीओ ने मौके पर मौजूद कृषि, उद्यान, राजस्व, ग्रामीण निर्माण और आजीविका विभागों के अधिकारियों को कई समस्याओं के तत्काल समाधान के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि अब योजनाएं कागजों पर नहीं, बल्कि धरातल पर उतरेंगी। सीमांत गांवों की तस्वीर बदलने के लिए अधिकारी गांव-गांव जाकर संवाद करें, यही वाइब्रेंट विलेज योजना की असली भावना है।

उन्होंने बागवानी और आजीविका सशक्तिकरण पर जोर देते हुए जैम, जूस, चटनी प्रोसेसिंग यूनिट के लिए भूमि चिन्हित करने को कहा। साथ ही ग्रामीणों को बकरी, गाय और मौन पालन जैसे कार्य अपनाकर आत्मनिर्भर बनने के लिए प्रेरित किया।

सीडीओ ने पंचायत भवन, आंगनबाड़ी केंद्र, स्वास्थ्य और शिक्षा व्यवस्था मजबूत करने के भी निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि प्रशासन का उद्देश्य केवल योजनाएं बनाना नहीं, बल्कि गांव-गांव जाकर संवाद स्थापित करना और लोगों की उम्मीदों को हकीकत में बदलना है।

ग्रामीणों ने इस पहल का स्वागत किया। महिलाओं ने कहा कि अब लगता है, सरकार हमारी बात सुन रही है, वहीं युवाओं ने आजीविका के अवसरों को लेकर नई उम्मीद जताई। रात की चौपाल में गांव की हवा भरोसे और उम्मीदों से सराबोर रही।

इस अवसर पर परियोजना निदेशक ग्राम्य विकास अजय सिंह, तहसीलदार सुरेश सेमवाल, मुख्य उद्यान अधिकारी रजनीश सिंह, मुख्य कृषि अधिकारी एस.एल. वर्मा और परियोजना प्रबंधक रीप कपिल उपाध्याय सहित कई अधिकारी उपस्थित रहे।

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