खाद्य पदार्थों की शुद्धता पर हो संदेह तो यहां करें फोन, तत्काल दूर होगी शिकायत
मिलावटी खाद्य पदार्थों से स्वास्थ्य बिगाड़ने वालों पर नकेल कसने के लिए सरकार ने शुरू किया विशेष अभियान

देहरादून, 24 सितंबर 2025: त्योहारों पर मिलावटी खाद्य पदार्थों से स्वास्थ्य बिगाड़ने वालों पर नकेल कसने के लिए सरकार ने विशेष अभियान शुरू किया है। अब जनता मात्र एक फोन कॉल से संदिग्ध खाद्य पदार्थों की शिकायत दर्ज करा सकती है। विभाग का दावा है कि हर शिकायत पर तुरंत जांच और कार्रवाई की जाएगी।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के निर्देश पर खाद्य संरक्षा एवं औषधि प्रशासन (एफडीए) ने नवरात्रि और दीपावली के मौके पर राज्यव्यापी अभियान चलाया है। स्वास्थ्य सचिव एवं आयुक्त (एफडीए) डॉ. आर. राजेश कुमार ने बताया कि दूध, दुग्ध उत्पाद, घी, तेल, मिठाइयां, मसाले, आटा, मैदा, बेसन और सूखे मेवों पर विशेष निगरानी रखी जाएगी। निर्माण इकाइयों से लेकर खुदरा विक्रेताओं और ट्रांसपोर्ट चैनलों तक से सैंपल लेकर सरकारी प्रयोगशालाओं में जांच की जाएगी।
इन नंबरों पर करें शिकायत, तुरंत होगी कार्रवाई
18001804246 और 14435
मिलावट पर सख्त कार्रवाई
जांच में असुरक्षित या मानव उपभोग योग्य न पाए जाने वाले उत्पादों पर तत्काल एफआईआर दर्ज की जाएगी और दोषियों का लाइसेंस रद्द किया जा सकता है। सभी जिलों से रिपोर्ट हर सप्ताह मुख्यालय को भेजी जाएगी ताकि प्राथमिकता तय कर त्वरित कार्रवाई की जा सके।
जन-जागरूकता पर जोर
अपर आयुक्त ताजबर सिंह ने कहा कि सोशल मीडिया, प्रिंट और इलेक्ट्रॉनिक मीडिया के माध्यम से भी जागरूकता अभियान चलाया जाएगा। जनता की शिकायतों को गंभीरता से लेते हुए दोषियों पर कड़ी कानूनी कार्रवाई होगी।
व्रत के खाद्य पदार्थों की जांच
त्योहारों को ध्यान में रखते हुए मंगलवार को दून में आकस्मिक निरीक्षण किया गया। सहायक आयुक्त खाद्य सुरक्षा मनीष सयाना के नेतृत्व में टीम ने रिस्पना, रेसकोर्स, कैनाल रोड और पटेलनगर में जांच की। निरीक्षण में केवल पैक्ड कुट्टू आटा ही मिला, जिसमें एफएसएसएआई नंबर, पैकिंग और एक्सपायरी डेट अंकित थी।
मुख्यमंत्री का संदेश
त्योहारों पर जनता को शुद्ध और सुरक्षित खाद्य सामग्री उपलब्ध कराना सरकार की प्राथमिकता है। मिलावटखोरी पर जीरो टॉलरेंस नीति अपनाई जाएगी।
-पुष्कर सिंह धामी, मुख्यमंत्री



