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कौन हैं श्रीधर वेंबु, जिनकी स्वदेशी मेल ने उड़ाई गूगल, माइक्रोसॉफ्ट की नींद

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देहरादून, 11 अक्टूबर 2025: नोबेल के शांति पुरस्कार के बाद इन दिनों जिसकी सबसे ज्यादा चर्चा हो रही है, वो है जोहो मेल और उसकी निर्माता कंपनी को खड़ा करने वाले श्रीधर वेंबु। देश में बड़ी संख्या में लोग स्वेदशी मेल प्लेटफार्म जोहो पर शिफ्ट हो रहे हैं। इससे टेक इंडस्ट्री में खलबली मची हुई है। इस भारतीय उत्पाद ने गूगल और माइकोसॉफ्ट जैसी दिग्गज कंपनियों की भी नींद उड़ा दी है। हर कोई जोहो और श्रीधर वेंबु के बारे में जानना चाहता है। …तो आज हम आपको बता रहे हैं कि ये कंपनी कब और कैसे अस्तित्व में आई और कौन हैं श्रीधर वेंबु।

पूरी तरह स्वदेशी है जोहो मेल

जोहो मेल पूरी तरह भारतीय कंपनी जोहो कॉर्पोरेशन का उत्पाद है, जिसे श्रीधर वेंबु ने वर्ष 1996 में तमिलनाडु से शुरू किया था। बिना किसी विदेशी निवेश के खड़ी हुई यह कंपनी आज दुनिया की अग्रणी SaaS (Software as a Service) कंपनियों में गिनी जाती है। जोहो का दावा है कि उसकी ईमेल सेवा पूरी तरह एड-फ्री है और यूजर्स का डेटा एंड-टू-एंड एन्क्रिप्शन से सुरक्षित रहता है। इस प्लेटफार्म पर मेल संबंधी सभी जरूरी सुविधाएं मिलती हैं।

जानिये कौन हैं श्रीधर वेंबु

  • 1968 में तमिलनाडु के तंजावुर जिले में जन्म हुआ। शुरुआती शिक्षा-दीक्षा यहीं हुई।
  • 1989 में आइआइटी मद्रास से इलेक्ट्रिकल इंजीनियरिंग में ग्रेजुएशन किया।
  • 1991 में अमेरिका के न्यू जर्सी प्रिंसटन यूनिवर्सिटी से इलेक्ट्रिकल इंजीनियरिंग में मास्टर आफ साइंस किया।
  • 1994 में प्रिंसटन यूनिवर्सिटी से पीएचडी की उपाधि हासिल की।
  • 1996 मे सॉफ्टवेयर कंपनीAdventnet बनाई।
  • 2004 में जोहो यूनिवर्सिटी शुरू की।
  • 2009 मेंAdventnet का नाम बदलकर जोहो कारपोरेशन किया।
  • 2015 में अमेरिकी कंपनीQualcomm में वायरलेस इंजीनियरिंग में जॉब की।
  • 2021 में नेशनल सिक्योरिटी एडवाइजरी बोर्ड के सदस्य बने।
  • 2021 में पद्मश्री सम्मान मिला।

भारत के 39वें सबसे अमीर व्यक्ति

2024 में फोर्ब्स के अनुसार, श्रीधर वेंबु भारत के 39वें सबसे अमीर व्यक्ति हैं, जिनकी संपत्ति लगभग 5.85 बिलियन डॉलर आंकी गई। 2024 की फोर्ब्स सूची में वेंबु और उनके भाई-बहन मिलकर भारत के 100 सबसे अमीर लोगों में 51वें स्थान पर रहे।

गांव से चला रहे ग्लोबल कंपनी

जोहो के फाउंडर श्रीधर वेंबु ने अमेरिका की सिलिकॉन वैली में नौकरी छोड़ वर्ष 2019 में तमिलनाडु के तेनाकासी जिले के एक छोटे से गांव से कंपनी को संचालित करना शुरू किया। आज जोहो के 50 से ज्यादा क्लाउड बेस्ट सॉफ्टवेयर 180 से अधिक देशों में एक करोड़ से ज्यादा लोग इस्तेमाल कर रहे हैं। ईमेल, अकाउंटिंग, कस्टमर रिलेशनशिप मैनेजमेंट और एचआर मैनेजमेंट जैसे सेक्टर में इसका खूब इस्तेमाल हो रहा है। वेंबु का मानना है “भारत के गांव भी तकनीकी नवाचार के केंद्र बन सकते हैं।”

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व्हाट्सएप का विकल्प भी दिया

हाल ही में जोहो ने अपना मैसेजिंग ऐप Arattai लॉन्च किया था। Arattai तमिल भाषा का शब्द है, जिसका मतलब बातचीत होता है। इस एप में ऑडियो-वीडियो कॉल के अलावा कोट का भी फीचर है।

अमित शाह समेत कई नेता स्वदेशी मेल पर हो चुके शिफ्ट

केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव के बाद देश के गृह मंत्री अमित शाह ने बुधवार को अपने ईमेल को जीमेल (Gmail) से जोहो मेल (Zoho Mail) पर स्विच कर लिया है। एक्स पर पोस्ट करके शाह ने इसकी जानकारी साझा की। उन्होंने लिखा, मेरा नया ईमेल पता amitshah.bjp@zohomail.in है। भविष्य में मेल के माध्यम से पत्राचार के लिए कृपया इसी पते का इस्तेमाल करें। शाह की ही तरह उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने भी अपना ईमेल पता बदल लिया है। उन्होंने भी अपने ईमेल को जोहो मेल पर शिफ्ट कर लिया है। उनका नया ई-मेल पता pushkarsinghdhami@zohomail.in है।

शिक्षा मंत्रालय ने भी दी हरी झंडी

अमित शाह के जोहो मेल अपनाने से कुछ दिन पहले ही शिक्षा मंत्रालय ने अपने सभी सरकारी दफ्तरों को डॉक्यूमेंट और ऑफिस वर्क के लिए जोहो ऑफिस सूट जो एमएस ऑफिस की तरह ही काम करता है का उपयोग करने का निर्देश दिया था। यह कदम स्पष्ट संकेत देता है कि भारत अब विदेशी सॉफ्टवेयर कंपनियों पर निर्भरता कम करने की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहा है।

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