
इतिहास में आज तक कभी नहीं पहुंचे हेमकुंड साहिब इतने यात्री
बना हेमकुंड साहिब और लोकपाल लक्ष्मण मंदिर पहुंचने वाले यात्रियों का नया रिकार्ड
इस बार यात्रियों में है भारी उत्साह, शीतकाल के लिए 10 अक्टूबर को बंद हो रहे दोनों धाम के कपाट
उत्तराखंड हिमालय में सबसे ऊंचाई पर स्थित हैं ये दोनों धाम, 15,225 फ़ीट है ऊंचाई
जोशीमठ (ज्योतिर्मठ), 8 अक्टूबर 2025: मानसून सीजन दुश्वारियों के चलते भले ही इस वर्ष उत्तराखंड हिमालय के चारधाम पहुंचने वाले यात्रियों की संख्या बीते वर्षों की अपेक्षा कम हो, लेकिन हेमकुंड साहिब व लोकपाल लक्ष्मण मंदिर में दर्शन को रिकार्ड यात्री पहुंचे हैं। हेमकुंड साहिब और लोकपाल लक्ष्मण मंदिर की यात्रा के इतिहास में यह सबसे बड़ी संख्या है। दोनों धाम में कपाट बंद होने से दो दिन पूर्व तक 2.71 लाख से अधिक यात्री दर्शन कर चुके थे। कपाट 10 अक्टूबर को बंद किये जाने हैं।
चमोली जिले की भ्यूंडार घाटी में इन दोनों धामों की यात्रा को अति दुर्गम माना जाता है। यहां पहुंचने के लिए गोविंदघाट से 19 किमी की दूरी पैदल अथवा घोड़ा-खच्चर से तय करनी पड़ती है। दोनों ही धाम के कपाट 22 मई से लेकर एक जून के बीच खोले जाते हैं और 10 अक्टूबर को बंद करदिए जाते हैं। इस बार कपाट 25 मई को खुले थे। हेमकुंड साहिब में ठहरने की सुविधा नहीं है, इसलिए यात्रियों को दर्शन करने के बाद तुरंत बेस कैम्प घांघरिया के लिए वापसी करनी पड़ती है। दोपहर दो बजे के बाद किसी भी यात्री को घांघरिया से आगे नहीं जाने दिया जाता। क्योंकि यहां से आगे रास्ता बेहद दुर्गम है। बावजूद इसके इस बार हेमकुंड साही पहुंचने वाली यात्रियों की संख्या में रिकार्ड वृद्धि हुई है।
विशेष यह कि इस बार विदेश से भी बड़ी संख्या में यात्री हेमकुंड पहुंच रहे हैं। बताया जा रहा कि ट्रेकिंग का आकर्षण उन्हें यहां खींच रहा है। यही नहीं, फूलों की घाटी के भी हेमकुंड के बेस कैंप घांघरिया के पास होने के कारण यह ट्रेक गुलजार है। फूलों की घाटी जाने वाले पर्यटकों में बड़ी संख्या हेमकुंड साहिब आने वाले यात्रियों की है। इससे स्थानीय कारोबारियों के चेहरे भी खिले हुए है।
चार वर्षों में हेमकुंड साहिब पहुंचे यात्री
इस वर्ष आठ अक्टूबर तक 2.71 लाख यात्री हेमकुंड साहिब और लोकपाल लक्ष्मण मंदिर पहुंच चुके हैं। जबकि, वर्ष 2024 में 2.20 लाख, वर्ष 2023 में 2.05 लाख और वर्ष 2022 में 1.90 लाख यात्रियों ने दोनों धाम में दर्शन किये थे।




