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दून में चौबीस घंटे के भीतर सामान्य से साढ़े बारह गुना अधिक बरसा आसमान

In Doon, it rained 12.5 times more than normal in 24 hours

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दून में चौबीस घंटे के भीतर सामान्य से साढ़े बारह गुना अधिक बरसा आसमान

 

  • 24 घंटे में 1136 प्रतिशत अधिक बारिश, मानो आसमान टूट पड़ा

देहरादून, 16 सितंबर 2025 – इस साल देहरादून के लिए सितंबर का महीना ‘सितमगर’ साबित हो रहा है। सोमवार सुबह 8:30 बजे से मंगलवार सुबह तक 24 घंटे की अवधि में शहर में सामान्य से 1136 प्रतिशत (लगभग 12.5 गुना) अधिक बारिश दर्ज की गई है।
मौसम विभाग के अनुसार, इस 24 घंटे की अवधि में 5.4 मिमी बारिश होनी चाहिए थी, लेकिन यह आंकड़ा 66.7  मिमी रिकॉर्ड किया गया। इस भारी बारिश के कारण जिले के कई हिस्सों में तबाही के मंजर देखने को मिल रहे हैं। इसके अलावा, इस महीने के पिछले 15 दिनों में भी यहाँ सामान्य से 151 प्रतिशत ज्यादा बारिश हुई है।

इतिहास में सबसे भारी बारिश और बादल फटने की घटनाएं

इतिहास पर नज़र डालें तो देहरादून में सितंबर में 24 घंटे में सबसे अधिक बारिश आज से 101 साल पहले 3 सितंबर 1924 को दर्ज की गई थी, जब 212 मिमी बारिश रिकॉर्ड की गई थी। उस पूरे महीने में 1014 मिमी बारिश हुई थी, जिससे देहरादून, विकासनगर और ऋषिकेश में भारी तबाही मची थी।
पिछले 15 वर्षों में देहरादून में चार प्रमुख बादल फटने की घटनाएँ हुई हैं, जिनमें जान-माल का व्यापक नुकसान हुआ:
अगस्त 2011: सहस्त्रधारा में बादल फटने से भारी तबाही हुई, जिसमें सात लोगों की मौत हुई और कई घर व दुकानें मलबे में दब गए।
अगस्त 2013: उत्तराखंड की विनाशकारी बाढ़ के दौरान, मालदेवता क्षेत्र में भी बादल फटा, जिससे भूस्खलन और जान-माल का नुकसान हुआ।
जुलाई 2016: रायवाला क्षेत्र में बादल फटने से भारी बाढ़ आई।
अगस्त 2023: मालदेवता, सरखेती और रायपुर क्षेत्रों में बादल फटने से भूस्खलन और नदियों का जलस्तर तेजी से बढ़ा।
ये घटनाएँ दर्शाती हैं कि देहरादून में भारी बारिश और बादल फटने का खतरा लगातार बना हुआ है।

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