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कला प्रेमियों को खींच रहा चित्रकला प्रदर्शनी का सम्मोहन

The mesmerizing art exhibition attracts art lovers

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कला प्रेमियों को खींच रहा चित्रकला प्रदर्शनी का सम्मोहन

देहरादून, 27 दिसम्बर, 2025. दूनघाटी के सुप्रसिद्ध कलाकार एवं कला केन्द्र के संस्थापक द्विजेन सेन की याद में आयोजित वृहत चित्रकला प्रदर्शनी कला प्रेमियों को दून पुस्तकालय व कला केंद्र की आर्ट गैलरी में खींच ला रही है। 26 दिसंबर से चल रही यह प्रदर्शनी 30 दिसंबर को शाम चार बजे तक कला प्रेमियों के लिए खुली रहेगी। प्रदर्शनी बुद्धा चौक स्थित कला केंद्र में भी चल रही है।

दून पुस्तकालय एवं शोध केन्द्र के तीसरे तल में स्थित आर्ट गैलरी व द्विजेन सेन कला केंद्र में इस प्रदर्शनी का आयोजन आम लोगों और चित्रकला के प्रति रुझान रखने वाले लोगों के लिए किया गया है। इसमें दूनघाटी समेत प्रदेश से बाहर के चित्र कलाकारों की उत्कृष्ट कलाकृतियां लगी हैं। इनमें चित्रकारों के एक से बढ़कर दृश्य चित्र पोर्ट्रेट, लैंड स्केप चित्र शामिल हैं। कुछ मूर्तिकारों की ओर से मूर्तियां भी प्रदर्शित की गयी हैं। सभी चित्र सामाजिक परिवेश, उसकी दृश्य सुंदरता और मानवीय संवेदना, दर्शन के भावों को  बहुत खूबसूरती से प्रदर्शित कर रही हैं।

हमारी प्रदर्शनी में आये कुछ कलाकारों से भी बात हुई। इनमें मेघा कथूरिया, देहरादून स्थित भारतीय सैन्य अकादमी में कार्यरत एक पेशेवर कलाकार हैं। वह सक्रिय रूप से कला प्रदर्शनियों और कार्यशालाओं का आयोजन और संचालन करती हैं। उनकी कलाकृतियाँ भारत और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर घरों की शोभा बढ़ाती हैं और कहानियों, संस्कृति और शाश्वत कलात्मक अभिव्यक्ति को प्रतिबिंबित करती हैं।

कला केन्द्र में कला प्रशिक्षु नवीन कनवासी ने कहा कि दून पुस्तकालय एवं शोध केन्द्र के आर्ट गैलरी के साथ-साथ कला केन्द्र में लगी इस चित्रकला प्रदर्शनी से कलाकारों को एक शानदार मंच मिला है। इस तरह के आयोजनों से शहर के कला प्रेमियों में भी उत्साह नजर आ रहा है।

वहीं युवा चित्रकार हरि गुरुंग ने बातचीत में बताया कि वे उत्तराखंड पर आधारित  चित्रकला के माध्यम से उत्तराखंड को दर्शाने का प्रयास कर रहे हैं। उन्होने बदरीनाथ, ऋषिकेश, महादेव, हर की पैड़ी जैसे स्थानों को अपनी चित्रकला में स्थान दिया है।

इन दोनों जगहों में कर्नल विजय दुग्गल, कर्नल भारत भण्डारी, जसपाल दुग्गल, आलोक लाल, सतपाल गांधी, भूमेश भारती, मीरा दुग्गल, अंजलि थापा, चन्द्रा बी. रसायली, अरुण पंत, दीपक रावत, मोनू भटनागर, यशस्विनी भटनागर, शिल्पी सिन्हा, लता शुक्ला, मुक्ता जोशी,. हर्षिता, अरविंद गैरोला, अमर सिंह, राहुल शंकर, विक्की आर्या, सुषमा कोहली, राजेन्द्र दत्त कोहली, संजय गुप्ता जैसे कई कलाकारों की कृतियां लगी हुई हैं, जो बरबस कला प्रेमियों का ध्यान अपनी तरफ खींच रही हैं।

विदित हो कि वर्ष 1949 से दादा द्विजेन सेन ने देश के प्रसिद्ध कलाकारों के साथ दून घाटी में मूर्तिकला व चित्रकला के रंगों से जीवंत रखने का सपना संजोया था, उसे आज बुद्धा चौक स्थित कला केंद्र को दादा द्विजेन सेन के मानस पुत्र कर्नल वीके दुग्गल पिछले दो दशक से  संचालन कर दादा के सपनों को साकार कर बच्चों के लिए कला केन्द्र को जीवित रखे हुए हैं। ताकि इस ऐतिहासिक कला संस्था जीवंत बनी रह सके।

प्रदर्शनी के अवसर पर दून पुस्तकालय एवं शोध केन्द्र के कार्यक्रम प्रभारी चन्द्रशेखर तिवारी और कला केन्द्र के प्रमुख कर्नल वी. के. दुग्गल ने बताया कि  शहर के अनेक लोग प्रदर्शनी में विविध कलाकारों की चित्रकला का अवलोकन कर उनकी कला की सराहना कर रहे हैं। प्रदर्शनी देखने आने वाले दर्शकों में कई चित्रकला प्रेमी, कलाकार और युवा आ रहे हैं।

Global Ganga News

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