
लैंसडौन, 7 अक्टूबर 2025: सोचिए, अगर एक बस का ड्राइवर शराब के नशे में पहाड़ी सड़क पर 96 किलोमीटर तक बस दौड़ाता रहे और कई घंटे तक लोगों की जान हलक में अटकी रहे। यही हुआ पौड़ी जिले में… उत्तराखंड परिवहन निगम की बस के 22 यात्रियों की जान पांच घंटे से अधिक समय तक खतरे में रही। लेकिन, गढ़वाल राइफल्स के कमांडेंट ब्रिगेडियर विनोद सिंह नेगी की सूझबूझ से बड़ा हादसा टल गया। पुलिस ने शराब पीकर बस चलाने वाले चालक को गिरफ्तार कर बस को सीज कर दिया।
घटना शनिवार की है। कोटद्वार डिपो की यह बस सुबह करीब 10:30 बजे बीरोंखाल से दिल्ली के लिए रवाना हुई थी। चालक प्रेम सिंह निवासी गैरसैंण (चमोली) बस में 22 यात्रियों को लेकर निकला। करीब चार बजे बस डेरियाखाल पहुंची, जहां सड़क पर उसकी रैश ड्राइविंग देख दूसरी ओर से आ रहे गढ़वाल राइफल्स के कमांडेंट ब्रिगेडियर विनोद सिंह नेगी को शक हुआ।
लहराती बस की रफ्तार देखकर ब्रिगेडियर के चालक ने अपनी गाड़ी को तेजी से सड़क किनारे नाली में उतारकर टक्कर से बचाया। इसके बाद ब्रिगेडियर ने बस को रुकवाया और पुलिस को सूचना दी। पुलिस ने चालक को कैंट चिकित्सालय ले जाकर मेडिकल कराया, जिसमें शराब के सेवन की पुष्टि हुई। चालक को हिरासत में लेकर बस को सीज कर दिया गया। यात्रियों को दूसरी बस से कोटद्वार भेजा गया। बस के परिचालक को भी चालक के नशे की भनक नहीं लगी।
परिवहन निगम के अधिकारियों का कहना है कि जांच की जा रही है और रिपोर्ट के आधार पर विभागीय कार्रवाई की जाएगी।



