
देहरादून, 26 अक्टूबर 2025: अगर आप भी वीकेंड या आने वाले त्योहारी दिनों में मसूरी जाने की प्लानिंग कर रहे हैं, तो जरा संभल जाइए। इन दिनों ‘क्वीन ऑफ हिल्स’ तक पहुंचना किसी परीक्षा से कम नहीं है।
शनिवार को देहरादून से मसूरी तक छह किलोमीटर लंबा जाम लग गया। शहर के कई हिस्सों से लेकर पहाड़ी रास्तों तक वाहन घंटों रेंगते रहे। पुलिस का ट्रैफिक प्लान पूरी तरह ध्वस्त हो गया। पूरा फोर्स मसूरी रोड पर डटा रहा, लेकिन रात तक स्थिति में कोई खास सुधार नहीं हो पाया। भारी जाम के बावजूद मसूरी और आसपास के पर्यटन स्थल खचाखच भरे रहे। भट्टा फाल, कैंपटी फाल, कंपनी गार्डन, गनहिल और चार दुकान में दिनभर रौनक रही। शाम ढलते ही माल रोड और कुलड़ी बाजार पर्यटकों से गुलजार हो गए।

सुहावना मौसम, लेकिन मुश्किल सफर
दून और आसपास के इलाकों में इन दिनों मौसम बेहद सुहावना है। यही वजह रही कि वीकेंड पर सैलानियों का सैलाब उमड़ पड़ा। पर्यटकों की भीड़ ने देहरादून से मसूरी जाने वाले पूरे मार्ग की रफ्तार थाम दी। आशारोड़ी से लेकर आईएसबीटी और अस्थायी किमाड़ी मार्ग तक वाहनों की कतारें लगी रहीं। कुठालगेट के पास सड़क क्षतिग्रस्त होने से जाम और बढ़ गया। दोपहर में स्थिति यह थी कि सहारनपुर चौक से घंटाघर पहुंचने में भी एक घंटे से ज्यादा का समय लग गया। राजपुर रोड और जोगीवाला में भी ट्रैफिक रेंगता रहा। जाम से आम लोगों से लेकर पर्यटक सभी परेशान नजर आए।
टूटी सड़कों से बढ़ी मुश्किलें
मसूरी रोड पर शिव मंदिर से आगे बैली ब्रिज, कोल्हूखेत और गलोगी धार के पास मार्ग क्षतिग्रस्त है। यहां पुलिस को वन-वे ट्रैफिक सिस्टम अपनाना पड़ रहा है।
मसूरी आ रहे हैं तो ध्यान रखें ये बातें
- ट्रिप पर निकलने से पहले रियल-टाइम ट्रैफिक अपडेट जरूर देखें।
- कोशिश करें कि सुबह जल्दी या देर शाम यात्रा करें, ताकि पीक ट्रैफिक से बचा जा सके।
- बाईपास रूट (गढ़ी कैंट–किमाड़ी मार्ग) को प्राथमिकता दें।
- क्षतिग्रस्त सड़कों पर गति धीमी रखें, फिसलन और ब्लाइंड मोड़ कई जगह हैं।
- पार्किंग सीमित है, इसलिए सार्वजनिक परिवहन या कैब शेयरिंग बेहतर विकल्प है।



