उत्तराखंडयूथ

UKSSSC पेपर लीक में बड़ा फैसलाः स्नातक स्तरीय भर्ती परीक्षा निरस्त, तीन माह में होगी दोबारा

खबर को सुनें


देहरादून, 11 अक्टूबर 2025: उत्तराखंड अधीनस्थ सेवा चयन आयोग (UKSSSC) ने स्नातक स्तरीय भर्ती परीक्षा को निरस्त कर दिया है। परीक्षा के बाद सोशल मीडिया पर प्रश्नपत्र के कुछ स्क्रीन शॉट वायरल होने के बाद आयोग ने जांच शुरू कराई थी। आयोग सचिव डॉ. शिव कुमार बरनवाल ने बताया कि परीक्षा की शुचिता, गोपनीयता और पारदर्शिता बनाए रखने के उद्देश्य से यह निर्णय लिया गया है।

ये है मामला

21 सितंबर 2025 को UKSSSC ने स्नातक स्तरीय भर्ती परीक्षा कराई थी, जिसके तीन पन्ने व्हाट्सएप के माध्यम से परीक्षा शुरू होने के आधे घंटे के बाद ही बाहर आ गए थे। खालिद मलिक नाम के व्यक्ति ने असिस्टेंट प्रोफेसर सुमन को अपने पेपर भेजे थे। इसमें खालिद की बहन साबिया भी शामिल थी। फिलहाल, खालिद और साबिया न्यायिक हिरासत में हैं।

प्रदेश भर में शुरू हो गया था आंदोलन

इसके बाद प्रदेश भर में आंदोलन शुरू हो गया था। लंबे समय तक बेरोजगार संगठन के लोग देहरादून के परेड ग्राउंड के बाहर धरने पर बैठे रहे, फिर मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी छात्रों से मिलने उनके धरना स्थल पर पहुंचे थे और उन्होंने सीबीआई जांच की संस्कृति करने को कहा था। इसके बाद छात्रों ने प्रदर्शन समाप्त कर दिया, लेकिन उनकी दूसरी मांग थी कि इस परीक्षा को रद्द किया जाए और उसका रोस्टर दोबारा से जारी किया जाए। शनिवार को इस मामले में आदेश जारी करते हुए परीक्षा को रद्द कर दिया गया।

Global Ganga News

साथियों, Globalganga.com के मंच पर आपका स्वागत करते हुए हम स्वयं को गौरवान्वित महसूस कर रहे हैं। यह ऐसा मौका है, जब हम भी वेब पोर्टल की भीड़ में शामिल होने जा रहे हैं, इस संकल्प के साथ कि भीड़ का हिस्सा होते हुए भी हमेशा भीड़ से अलग दिखने का प्रयास करेंगे। हम चाहते हैं कि उत्तराखंड की संस्कृति एवं परंपराओं का देश-दुनिया में प्रसार हो, उत्तराखंड की बोली-भाषाएं समृद्ध हों और उन्हें स्वतंत्र पहचान मिले, यहां आध्यात्मिक पर्यटन एवं तीर्थाटन का विकास हो …और सबसे अहम बात यह कि इस सब में हमारी भी कुछ न कुछ भागीदारी अवश्य रहे। साथ ही एक विनम्र आग्रह भी है कि अपने कीमती सुझावों से समय-समय पर अवगत कराते रहें। ताकि सुधार की प्रक्रिया निरंतर गतिमान रहे। अंत में सिर्फ इतना ही कहना है कि हम एक-दूसरे पर भरोसा बनाये रखें। यही भरोसा समाज में संवाद की बुनियाद मजबूत करने का आधार बनेगा। इन्हीं शब्दों के साथ आइये! कामना करें कि- ‘सबके हृदय में सर्वदा संवेदना की दाह हो, हमको तुम्हारी चाह हो, तुमको हमारी चाह हो। -संपादक

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button