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इगास का उल्लास, मुख्यमंत्री आवास में लोकवाद्यों की गूंज

The joy of Igas, the echo of folk instruments in the Chief Minister's residence

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इगास का उल्लास, मुख्यमंत्री आवास में लोकवाद्यों की गूंज

देहरादून, 2 नवंबर 2025 :  मुख्यमंत्री आवास शनिवार को देवभूमि की लोकसंस्कृति के रंगों से सराबोर हो उठा। अवसर था पारंपरिक उल्लास और लोक आस्था के पर्व इगास का। ढोल–दमाऊ की थाप और हारुल–झूमेंलो की लोकधुनों के बीच मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी, राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल गुरमीत सिंह (सेनि) और अतिथिगण भी झूम उठे। लोक कलाकारों की प्रस्तुतियों ने ऐसा समां बाँधा कि पूरा परिसर संस्कृति, संगीत और सामूहिक उत्सव के रंग में डूब गया।

 

मुख्यमंत्री ने पारंपरिक रीति से भैलो खेलते हुए कार्यक्रम की शुरुआत की और कहा कि “इगास हमारी लोकसंस्कृति, लोकआस्था और सामूहिकता का प्रतीक है। पहाड़ के लोकपर्व हमारी आत्मा हैं, इन्हीं से हमारी पहचान बनती है।” उन्होंने प्रदेशवासियों को शुभकामनाएँ देते हुए कहा कि सरकार लोक कलाकारों और पारंपरिक संस्कृति के संवर्धन के लिए निरंतर कार्यरत है, जिससे ‘कल्चर बेस्ड रोजगार’ को बढ़ावा मिल सके।

मुख्यमंत्री धामी और अतिथियों के साथ लोक कलाकारों के हारुल, झूमेंलो और चांचरी की प्रस्तुति के दौरान पूरा वातावरण ताल और उत्सव की लय से गूंज उठा। मुख्यमंत्री ने कलाकारों को सम्मानित करते हुए कहा, “हमारी संस्कृति हमारी सबसे बड़ी धरोहर है, इसे नई पीढ़ी तक पहुँचाना हमारा दायित्व है।”

उन्होंने प्रवासी उत्तराखंडियों से भी आह्वान किया कि वे अपने गांवों की मिट्टी से जुड़ें और लोकपर्वों को परिवारों के साथ मनाएँ। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के “तीसरा दशक उत्तराखंड का दशक” संकल्प का उल्लेख करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि यह दशक राज्य के सर्वांगीण विकास और सांस्कृतिक पुनर्जागरण का होगा।

कार्यक्रम में कैबिनेट मंत्री सतपाल महाराज, गणेश जोशी, पूर्व मुख्यमंत्री भगत सिंह कोश्यारी, रमेश पोखरियाल निशंक, राज्यसभा सांसद नरेश बंसल सहित अनेक जनप्रतिनिधि, अधिकारी और गणमान्य लोग उपस्थित रहे I

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