पत्नी को बचाने के लिए दे दी जान… भालू के आतंक से परेशान हैं इस गांव के लोग

चमोली, 17 अक्टूबर 2025: उत्तराखंड के सीमांत जनपद चमोली के जोशीमठ ब्लॉक के डुमक गांव से गुरुवार सुबह उठी एक महिला की चीख ने पूरे पहाड़ को झकझोर दिया। गांव के सुंदर सिंह ने अपनी पत्नी को भालू के जबड़े से बचाते हुए जान गंवा दी। वहीं, गंभीर रूप से घायल पत्नी लीला देवी को ग्रामीणों की मदद और हेलिकॉप्टर सेवा के जरिये एम्स ऋषिकेश पहुंचाया गया, जहां उनका उपचार जारी है।
घास काटने गए दंपती पर अचानक हमला
गुरुवार सुबह सुंदर सिंह और उनकी पत्नी लीला देवी रोज की तरह जंगल में घास काटने गए थे। तभी झाड़ियों में छिपे एक भालू ने लीला देवी पर हमला कर दिया। पत्नी की चीख सुनकर सुंदर सिंह तुरंत उनकी ओर दौड़े और भालू से भिड़ गए। इस दौरान सुंदर सिंह बुरी तरह घायल हो गए और उनकी मौत हो गई। घटना की सूचना मिलते ही वन विभाग और प्रशासन की टीम डुमक पहुंची। अधिकारियों ने घटना की जांच शुरू कर दी है।
ग्रामीणों ने कंधे पर उठाकर तय की कई किलोमीटर दूरी
चीख-पुकार सुनकर ग्रामीण मौके पर पहुंचे और घायल लीला देवी को किसी तरह जंगल से निकालकर गांव तक लाए। सड़क और एंबुलेंस सुविधा न होने के कारण ग्रामीणों को उन्हें कंधे पर उठाकर कई किलोमीटर तक दुर्गम रास्ते पर चलना पड़ा।
हेलिकॉप्टर से एम्स ऋषिकेश पहुंचाई गई घायल महिला
प्रशासन को सूचना मिलते ही राहत दल और हेलिकॉप्टर मौके पर भेजा गया। कई घंटे की मशक्कत के बाद लीला देवी को एम्स ऋषिकेश पहुंचाया गया। इस दौरान गांव के लोग मंदिर के बाहर एकजुट होकर प्रार्थना करते रहे कि लीला देवी की जान बच जाए।
व्यवस्था ने ली जान, ग्रामीणों में आक्रोश
गांव के लोगों का कहना है कि सुंदर सिंह की मौत भालू से कम और सुविधाओं के अभाव से ज़्यादा हुई है। आज भी डुमक गांव तक सड़क नहीं पहुंची है। ग्रामीणों ने मांग की है कि अब केवल जांच या मुआवजे की बात न हो, बल्कि गांव को सड़क, एंबुलेंस और प्राथमिक चिकित्सा सुविधाओं से जोड़ा जाए।



