पेपर लीक कांड : सेक्टर मजिस्ट्रेट, असिस्टेंट प्रोफेसर, दरोगा समेत दो सिपाही भी निलंबित
यूकेएसएसएससी पेपर लीक की जांच के लिए एसआइटी का गठन

देहरादून, 25 सितंबर 2025ः उत्तराखंड अधीनस्थ सेवा चयन आयोग (UKSSSC) की स्नातक स्तरीय भर्ती परीक्षा में हरिद्वार के बहादुरपुर जट स्थित केंद्र से पेपर लीक होने के मामले में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के कड़े रुख के बाद शासन ने लापरवाही बरतने वालों पर गाज गिरानी शुरू कर दी है। प्रकरण में सख्ती दिखाते हुए कई अधिकारियों व कार्मिकों पर कार्रवाई की गई है।
इस कड़ी में टिहरी के प्रतापनगर में स्थित अगरोड़ा महाविद्यालय की असिस्टेंट प्रोफेसर सुमन को शासन ने तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है। आरोप है कि परीक्षा केंद्र से पेपर आउट होने के महज 10 मिनट में उन्होंने सवाल हल कर मुख्य आरोपी खालिद मलिक की बहन साबिया को भेजे। मौजूदा समय में उन्हें सरकारी गवाह के रूप में पेश किया जा रहा है, लेकिन उनके बयानों की गहन जांच होगी।
वहीं, हरिद्वार के जिस परीक्षा केंद्र से पेपर बाहर आया, वहां सेक्टर मजिस्ट्रेट के रूप में तैनात डीआरडीए के परियोजना निदेशक केएन तिवारी को भी निलंबित कर दिया गया है। इसके अलावा परीक्षा केंद्र की सुरक्षा व्यवस्था संभालने वाले एक दरोगा और दो सिपाहियों को भी निलंबित किया गया है। एसएसपी हरिद्वार प्रमेंद्र डोबाल ने पूरे प्रकरण की जांच की जिम्मेदारी सीओ रुड़की नरेंद्र पंत को सौंपी है। माना जा रहा है कि जांच के दायरे में और भी अधिकारी-कर्मचारी आ सकते हैं।
इधर, पेपर लीक प्रकरण की पूरी जांच के लिए पहले ही एसआइटी (विशेष जांच दल) गठित की जा चुकी है। यह जांच हाई कोर्ट के सेवानिवृत्त न्यायाधीश की निगरानी में की जाएगी।



