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मिलिए शरीर में छिपे ‘सुपरहीरो’ से, जिसने जगाई  बीमारियों से लड़ने की नई उम्मीद

Meet the 'superhero' hidden in the body

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मिलिए शरीर में छिपे ‘सुपरहीरो’ से, जिसने जगाई  बीमारियों से लड़ने की नई उम्मीद

देहरादून, 5 सितंबर 2025  : क्या आपने कभी सोचा है कि हमारी कोशिकाएं कैसे इतनी मजबूत होती हैं? वे लगातार खिंचाव, धक्का और मोड़ का सामना करती हैं। खासकर जब वे ज़रूरी काम करती हैं जैसे कि पोषक तत्वों को लाना-ले जाना या अपनी संरचना को बदलना। इन ताकतों से प्रोटीन नाम के छोटे-छोटे अणु प्रभावित होते हैं, जो हमारी कोशिकाओं के काम करने के तरीके के लिए बहुत ज़रूरी हैं।
लेकिन क्या होगा अगर ये प्रोटीन तनाव को झेल न पाएं? ऐसा हृदय की मांसपेशियों की बीमारियों या लेमिनोपैथी जैसे आनुवंशिक विकारों में होता है, जहाँ प्रोटीन अपनी स्थिरता खो देते हैं। अब, वैज्ञानिकों ने एक ‘छिपा हुआ’ प्रोटीन खोजा है जो हमारी कोशिकाओं को इस यांत्रिक तनाव से बचाने में मदद करता है, और यह कई बीमारियों के इलाज के लिए नई राह खोल सकता है!

मिलिए P47 से, हमारे शरीर के ‘मैकेनिकल बॉडीगार्ड’ से!

वैज्ञानिक लंबे समय से जानते थे कि कुछ खास प्रोटीन (जिन्हें कैनोनिकल चैपरोन कहते हैं) प्रोटीन को सही तरीके से मोड़ने में मदद करते हैं। लेकिन क्या उनके सहायक भी ऐसा कर सकते हैं? विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग (DST) के एक संस्थान, एसएन बोस राष्ट्रीय मूलभूत विज्ञान केंद्र (SNBNCBS) के डॉ. शुभाशीष हलधर और उनकी टीम ने इसी सवाल का जवाब ढूंढा। उन्होंने P47 नाम के एक सहायक प्रोटीन पर ध्यान दिया। पहले इसे सिर्फ P97 नाम के एक बड़े प्रोटीन का हेल्पर माना जाता था, जो प्रोटीन को इधर-उधर ले जाने और तोड़ने में मदद करता है। लेकिन शोधकर्ताओं ने पाया कि P47 सिर्फ एक हेल्पर नहीं है! उन्होंने एक खास उपकरण (सिंगल-मोलेक्यूल मैग्नेटिक ट्विजर्स) का इस्तेमाल करके एक-एक प्रोटीन अणु पर नियंत्रित बल लगाया। यह वैसा ही था जैसे कोशिका के अंदर प्रोटीन पर खिंचाव पड़ता है।

और उन्हें क्या मिला?

उन्होंने देखा कि P47 सीधे तनाव में आए प्रोटीन से जुड़ गया और उन्हें स्थिर करने में मदद की! यह प्रोटीन को लगातार खिंचाव के बावजूद अपने सही आकार में वापस आने की क्षमता को बढ़ाता है। सरल शब्दों में, P47 एक ‘मैकेनिकल संरक्षक’ (mechanical chaperone) के रूप में काम करता है, जो प्रोटीन को टूटने से बचाता है।

यह खोज इतनी बड़ी क्यों है?

यह दिखाता है कि P47 जैसे सहायक प्रोटीन, जिनके बारे में पहले सोचा भी नहीं गया था कि वे ऐसा कुछ कर सकते हैं, वास्तव में हमारी कोशिकाओं को यांत्रिक तनाव से बचाने में एक महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। यह हमारी समझ को बदल रहा है कि कोशिकाएं कैसे काम करती हैं और प्रोटीन की गुणवत्ता को कैसे नियंत्रित करती हैं।

भविष्य के लिए आशा:

बायोकेमिस्ट्री पत्रिका में प्रकाशित यह शोध, उन बीमारियों के लिए नए इलाज के रास्ते खोलता है जहाँ प्रोटीन की स्थिरता बल के कारण प्रभावित होती है। P47 जैसे ‘मैकेनिकल चैपरोन’ को लक्षित करके, वैज्ञानिक भविष्य में हृदय रोगों और अन्य आनुवंशिक विकारों के लिए बेहतर दवाएं विकसित कर सकते हैं। यह वास्तव में हमारी कोशिकाओं के अंदर छिपे ‘सुपरहीरो’ की एक रोमांचक कहानी है।

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