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चीन सीमा पर बिताइए रात, जादुंग है आपके स्वागत को तैयार

Spend the night at the China border, Jadung is ready to welcome you

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चीन सीमा पर बिताइए रात, जादुंग है आपके स्वागत को तैयार

वर्ष 1962 में भारत-चीन युद्ध के दौरान खाली करा दिया गया था उत्तरकाशी का जादूंग गांव

उत्तरकाशी, 5 अक्टूबर 2025 : भारत चीन सीमा से सटे उत्तरकाशी जिले का सीमांत गांव जादूंग अब पर्यटन के नए नक्शे पर उभरने जा रहा है। भारत-चीन सीमा से सटा यह खूबसूरत गांव वाइब्रेंट विलेज योजना के तहत सीमांत पर्यटन की नई पहचान बनने की ओर अग्रसर है। यहां प्रकृति की गोद में बसे पारंपरिक घर, भव्य पर्वत श्रृंखलाएं और स्थानीय संस्कृति पर्यटकों को आकर्षित करने के लिए तैयार हैं।

रविवार को जिलाधिकारी प्रशांत आर्य ने जादूंग गांव का स्थलीय निरीक्षण कर निर्माणाधीन कार्यों की प्रगति देखी। उन्होंने अधिकारियों को विकास कार्यों की गुणवत्ता और समयबद्धता सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। इस दौरान जिलाधिकारी ने आईटीबीपी अधिकारियों और अन्य विभागीय टीम के साथ सीमांत विकास से जुड़े विषयों पर भी चर्चा की।

जिलाधिकारी ने बताया कि योजना के प्रथम चरण में पारंपरिक शैली के 6 होम स्टे तैयार किए जा रहे हैं, जबकि दूसरे चरण में 8 और होम स्टे बनाए जाएंगे। इन 14 होम स्टे के बन जाने से सैलानियों को सीमांत क्षेत्र में ठहरने के लिए सभी आधुनिक सुविधाएं मिलेंगी। इससे न केवल पर्यटन को बल मिलेगा, बल्कि स्थानीय युवाओं को रोजगार के नए अवसर भी प्राप्त होंगे।

उन्होंने बताया कि 1962 के भारत-चीन युद्ध के दौरान खाली कराया गया यह गांव अब फिर से जीवन पा रहा है। ग्रामीण आज भी अपने देवस्थानों की पूजा के लिए यहां आते हैं, और अब यह क्षेत्र आध्यात्मिक, सांस्कृतिक और रोमांचक पर्यटन का नया केंद्र बनने जा रहा है।

वाइब्रेंट विलेज योजना के तहत जादूंग में बुनियादी ढांचे का विकास, सड़क संपर्क, पर्यटन सुविधाएं और स्थानीय उत्पादों के विपणन जैसी पहलें की जा रही हैं। आने वाले समय में यह गांव न केवल सीमांत पर्यटन का प्रमुख गंतव्य बनेगा, बल्कि राष्ट्रीय सुरक्षा, स्थानीय संस्कृति और अर्थव्यवस्था को भी नई मजबूती देगा।

निरीक्षण के दौरान सीडीओ एस.एल. सेमवाल, सीओ आईटीबीपी भानुप्रताप सिंह, जिला पर्यटन अधिकारी के.के. जोशी, समन्वयक आपदा जय पंवार और कपिल उपाध्याय सहित अन्य अधिकारी मौजूद रहे।

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