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नकली जीवन रक्षक दवा तैयार करने वाली चार कंपनियों के हेड गिरफ्तार

Heads of four companies manufacturing fake life saving medicines arrested

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नकली जीवन रक्षक दवा तैयार करने वाली चार कंपनियों के हेड गिरफ्तार

देहरादून, 2 सितंबर 2025 : उत्तराखंड पुलिस की स्पेशल टास्क फोर्स (STF) ने नकली और जानलेवा दवाइयां बनाने और बेचने वाले एक बड़े गिरोह का पर्दाफाश किया है। इस मामले में पुलिस ने चार प्रमुख दवा कंपनियों के अधिकारियों को गिरफ्तार किया है, जिन पर फर्जी फर्मों को अवैध रूप से दवाइयां बेचने का आरोप है।
पुलिस महानिदेशक दीपम सेठ के निर्देश पर एसएसपी एसटीएफ नवनीत सिंह भुल्लर ने नकली दवाओं के इस नेटवर्क को खत्म करने का अभियान शुरू किया था। इसी अभियान के तहत, एसटीएफ ने पहले ही छह आरोपियों को गिरफ्तार किया था, जिनमें संतोष कुमार, नवीन बंसल, आदित्य काला, देवी दयाल गुप्ता, पंकज शर्मा और विजय कुमार पाण्डेय शामिल हैं।
इस गिरोह का सरगना नवीन बंसल उर्फ अक्षय है, जिसकी फर्जी फर्म ‘बीचम बायोटेक’ का नाम मुख्य रूप से सामने आया है। इस फर्म ने बिना किसी ड्रग लाइसेंस के लगभग 18 लाख नकली टैबलेट्स खरीदीं और उन्हें नामी ब्रांडेड कंपनियों की पैकेजिंग में पैक कर बाज़ार में बेच दिया।
जांच में यह भी पता चला है कि इस बड़े पैमाने के रैकेट में कुछ दवा कंपनियों की भी मिलीभगत थी। केरन लाइफ साइंस, बीएलबीके फार्मास्यूटिकल्स और जेनीटेक फार्मास्यूटिकल्स जैसी कंपनियों ने जानबूझकर ‘शून्य एमआरपी’ (MRP) वाली दवाइयां बिना किसी वैध अनुबंध के सरकारी अस्पतालों की आड़ में इन फर्जी फर्मों को बेचीं।
एसटीएफ ने इस मामले में गहन जांच करते हुए चार बड़े कंपनी अधिकारियों को गिरफ्तार किया है। इनमें देहरादून से प्रदीप गौड़, शिशिर सिंह और श्रीमती तेजेन्द्र कौर शामिल हैं, जबकि शैलेन्द्र सिंह मेरठ का रहने वाला है। इन सभी पर फर्जी फर्मों को अवैध रूप से दवाइयां बेचकर नकली दवाओं के इस कारोबार में मदद करने का गंभीर आरोप है।
पुलिस ने बताया कि इस पूरे मामले की विस्तृत जांच अभी भी जारी है और इस नेटवर्क में शामिल अन्य दोषियों को भी जल्द से जल्द गिरफ्तार किया जाएगा। यह कार्रवाई उत्तराखंड में नकली दवाओं के कारोबार पर एक बड़ी चोट है।

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