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प्रतिबंधित कफ सिरप के खिलाफ अभियान, 63 औषधियों के सैंपल लिए 

Samples of 63 medicines were taken.

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देहरादून, 7 अक्टूबर 2025 :  मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी और स्वास्थ्य मंत्री डॉ. धन सिंह रावत के निर्देश पर खाद्य संरक्षा एवं औषधि प्रशासन (एफ.डी.ए.) उत्तराखंड ने प्रतिबंधित और संदिग्ध कफ सिरप के खिलाफ राज्यव्यापी सघन अभियान शुरू किया है। बच्चों की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए प्रदेशभर में मेडिकल स्टोर्स, थोक विक्रेताओं और अस्पतालों की औषधि दुकानों पर ताबड़तोड़ छापेमारी की जा रही है। अब तक 63 औषधियों के सैंपल एकत्र कर जांच के लिए प्रयोगशालाओं को भेजे जा चुके हैं।

‘जहर’ हैं ये कफ सीरप, बिक्री पर लगी रोक

एफ.डी.ए. मुख्यालय, देहरादून में आयोजित पत्रकारवार्ता में अपर आयुक्त एवं ड्रग कंट्रोलर ताजवर सिंह जग्गी ने बताया कि राजस्थान और मध्य प्रदेश में कफ सिरप के सेवन से बच्चों की तबीयत बिगड़ने और मौत की घटनाओं के बाद एहतियाती कदम के रूप में यह कार्रवाई की जा रही है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार इस अभियान को पूरी संवेदनशीलता और सतर्कता के साथ चला रही है, ताकि किसी भी स्थिति में बच्चों के स्वास्थ्य पर खतरा न आए।

जग्गी ने बताया कि सभी जिलों के औषधि नियंत्रण अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि वे मेडिकल स्टोर्स और निर्माण इकाइयों से संदिग्ध सिरप के साथ कच्चे रासायनिक तत्वों — जैसे पॉलीइथिलीन ग्लाइकॉल और सॉर्बिटॉल — के नमूने लेकर गुणवत्ता जांच सुनिश्चित करें।

उन्होंने जनता से अपील की कि बिना चिकित्सकीय परामर्श बच्चों को कोई भी कफ सिरप न दें, पुरानी या खुली दवाइयाँ न इस्तेमाल करें और हर दवा की एक्सपायरी डेट अवश्य जांचें।

जग्गी ने बताया कि मुख्यमंत्री और स्वास्थ्य मंत्री स्वयं अभियान की समीक्षा कर रहे हैं। दीपावली से पहले खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता सुनिश्चित करने हेतु मिठाइयों और अन्य खाद्य वस्तुओं की सैंपलिंग भी तेज की गई है।

अंत में उन्होंने कहा कि यह अभियान सरकार की जनस्वास्थ्य सुरक्षा के प्रति प्रतिबद्धता का प्रतीक है और तब तक जारी रहेगा जब तक प्रदेश में केवल सुरक्षित और गुणवत्तापूर्ण दवाइयाँ ही आमजन तक न पहुँचें।

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