
शाही मिजाज, अलहदा अंदाज और मनमाफिक स्वाद
यही है “म्यूजियम ऑफ रॉयल किंगडम्स ऑफ इंडिया” का राज

नई दिल्ली, 1 नवंबर 2025 : यहां होंगे शाही मिजाज, शाही अंदाज और शाही स्वाद के दीदार। गुजरात के एकता नगर में देश के सबसे अनोखे संग्रहालय “म्यूजियम ऑफ रॉयल किंगडम्स ऑफ इंडिया” तैयार होने जा रहा है I पिछले दिनों प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इसकी आधारशिला रखी। करीब 367 करोड़ रुपये की लागत से बनने वाला यह संग्रहालय भारत के राजवंशों और रियासतों की समृद्ध विरासत को नए रूप में प्रस्तुत करेगा।
यह संग्रहालय स्टैच्यू ऑफ यूनिटी के पास पांच एकड़ भूमि में बनाया जाएगा। इसमें देश के विभिन्न शाही परिवारों से जुड़ी कलाकृतियां, राजचिह्न, वस्त्र, पांडुलिपियां और ऐतिहासिक दस्तावेज प्रदर्शित किए जाएंगे। यहां आने वाले लोग इतिहास को सिर्फ देखेंगे नहीं, बल्कि उसे डिजिटल और इंटरैक्टिव माध्यमों से अनुभव भी कर सकेंगे।
प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि यह संग्रहालय भारत के उस गौरवशाली दौर की याद दिलाएगा जब सरदार वल्लभभाई पटेल के नेतृत्व में 550 से अधिक रियासतों का भारतीय संघ में शांतिपूर्ण विलय हुआ था जिसने आधुनिक भारत की एकता की नींव रखी।
यह पहल केवल भारत की शाही विरासत को सहेजने का प्रयास नहीं, बल्कि आने वाली पीढ़ियों को यह बताने का माध्यम भी है कि देश की एकता, विविधता और लोकतांत्रिक ताकत उसकी गहरी सांस्कृतिक जड़ों से उपजी है ।
संग्रहालय की वास्तुकला प्रकृति के साथ मेल खाती हुई होगी, जिसमें फव्वारे, बगीचे और बीच का आंगन शामिल होगा। यहां आने वाले लोग “म्यूजियम कैफे” में शाही व्यंजनों का स्वाद भी ले सकेंगे।
इस पहल का मकसद सिर्फ इतिहास दिखाना नहीं, बल्कि नई पीढ़ी को यह समझाना है कि भारत की एकता और विविधता हमारे पूर्वजों की दूरदृष्टि और बलिदान से संभव हुई है।
संग्रहालय में चार प्रमुख थीम आधारित गैलरियां होंगी —
-
गैलरी 1: फिल्मों और ऑडियो-विजुअल प्रस्तुतियों के माध्यम से भारत की रियासतों की कहानी।
-
गैलरी 2: “सिंहासन और साम्राज्य” — शाही शासन प्रणाली, परंपराओं और जनसेवा का प्रदर्शन।
-
गैलरी 3: “द स्टोरी ऑफ इंडिया’ज इंटीग्रेशन” — रियासतों के भारत में एकीकरण की यात्रा को दर्शाएगी।
-
गैलरी 4: “हॉल ऑफ यूनिटी” — रियासतों के प्रतीक चिन्हों और उनके योगदान को सम्मानित करेगी।



