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अब अगले साल जून में होगा फूलों की घाटी का दीदार 

Now the Valley of Flowers will be visible in June next year

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अब अगले साल जून में होगा फूलों की घाटी का दीदार

चमोली, 1 नवंबर 2025 :  विश्व धरोहर फूलों की घाटी की सैर के लिए अब आपको अगले साल 1 जून तक का इंतजार करना पड़ेगा। क्योंकि 1 नवंबर 2025 से यह घाटी शीतकाल के लिए बंद की जा चुकी है। फूलों की घाटी में विभिन्न प्रजातियों के 500 से अधिक प्रकार के फूल खिलते हैं।

उत्तराखंड के चमोली जिले के ज्योतिर्मठ विकासखंड में समुद्रतल से 12,995 फ़ीट की ऊंचाई पर स्थित फूलों की घाटी लगभग 87.5 वर्ग किलोमीटर क्षेत्र में फैली हुई है। य़ह अपनी अनोखी जैव विविधता के कारण विश्वभर के प्रकृति प्रेमियों और पर्यटकों के आकर्षण का केंद्र रहती है, जहाँ ग्रीष्म ऋतु में रंग-बिरंगे फूल खिलते हैं और घाटी किसी कल्पनालोक का-सा दृश्य प्रस्तुत करती है।

पार्क प्रशासन के मुताबिक, इस बार घाटी में पुष्प विविधता पहले से कुछ कम रही, लेकिन पर्यटकों को ब्रह्मकमल, नीली पॉपी, कश्मीरी गुलाब और पर्पल डेजी जैसे दुर्लभ फूलों के दर्शन करने का अवसर मिला। वहीं घाटी की ढलानों पर जंगली जड़ी-बूटियों और पक्षियों की कई दुर्लभ प्रजातियां भी देखी गईं। घाटी अगले छह महीनों तक बर्फ की मोटी चादर से ढकी रहेगी। इस दौरान यहां का तापमान शून्य से नीचे चला जाता है, जिससे सभी मार्ग बर्फबारी के कारण अवरुद्ध हो जाते हैं।

इस वर्ष 15 हजार से अधिक सैलानियों ने की घाटी की सैर

वर्ष 2025 के पर्यटन सत्र के दौरान घाटी में कुल 15,924 पर्यटक पहुंचे, जिनमें 416 विदेशी पर्यटक शामिल रहे। पार्क प्रशासन ने इस अवधि में 33 लाख रुपये से अधिक का राजस्व प्राप्त किया। प्रशासनिक अधिकारियों के अनुसार, इस वर्ष पर्यटकों की संख्या पिछले वर्ष की तुलना में कुछ कम रही, फिर भी देशी और विदेशी सैलानियों के उत्साह में कोई कमी नहीं दिखी। साल 2024 में घाटी में लगभग 19,436 पर्यटक पहुंचे थे, जिनमें 330 विदेशी शामिल थे। वहीं वर्ष 2023 में 13,161 पर्यटक आए थे, जबकि वर्ष 2022 में रिकॉर्ड 20,830 पर्यटक फूलों की घाटी का दीदार करने पहुंचे थे।

आंकड़े बताते हैं कि घाटी के प्रति लोगों का आकर्षण लगातार बना हुआ है और हर साल यहां आने वाले पर्यटकों की संख्या में उतार-चढ़ाव के बावजूद रुचि बरकरार रहती है।

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