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विश्व के सौ शीर्ष हिंदी साहित्यकारों में नरेंद्र कठैत भी

Narendra Kathayat is also among the top 100 Hindi litterateurs of the world.

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दुनिया के सौ शीर्ष हिंदी साहित्यकारों में नरेंद्र कठैत भी

  • हिंदी साहित्य की ‘राही रैंकिंग-2025’ में हासिल किया 48वां स्थान

  • आकाशवाणी पौड़ी में सेवारत हैं प्रसिद्ध व्यंग्यकार नरेंद्र कठैत

देहरादून, 29 सितंबर 2025: हिंदी व गढ़वाली साहित्य के प्रमुख हस्ताक्षर नरेंद्र कठैत ने दुनिया के शीर्ष सौ हिंदी साहित्यकारों में स्थान बनाकर उत्तराखंड का गौरव बढ़ाया है। बीते सप्ताह जारी ‘राही रैंकिंग-2025’ की सूची में उन्हें 48वां स्थान मिला। कठैत की अब तक हिंदी व गढ़वाली में विभिन्न विधाओं की 23 पुस्तकें प्रकाशित हो चुकी हैं।
दिल्ली के किदवईनगर में 28 अप्रैल 1966 को जन्मे पौड़ी जिले के कोट विकासखंड स्थित ग्राम सल्डा निवासी नरेंद्र कठैत वर्तमान में आकाशवाणी पौड़ी में सेवारत हैं। साहित्य के प्रति अनुराग उनका बचपन से ही रहा। उनकी प्राथमिक शिक्षा दिल्ली के लोधी रोड स्थित नेहरू माउंटिंग स्कूल और माध्यमिक शिक्षा मैस्मोर इंटर कालेज पौड़ी से हुई। गढ़वाल विवि के बीजीआर परिसर पौड़ी से स्नातक करने के बाद भी उनकी साहित्यिक यात्रा चलती रही और हिंदी व गढ़वाली साहित्य के क्षेत्र में वह निरंतर योगदान देते रहे। गढ़वाली व्यंग्यकार के रूप में उन्हें विशेष ख्याति मिली। इंडिया नेटबुक्स की ओर से प्रकाशित 21वीं सदी के 251 अंतरराष्ट्रीय श्रेष्ठ व्यंग्यकारों की सूची में भी वह शामिल रहे हैं।

नरेंद्र कठैत का रचना संसार

आठ व्यंग्य संग्रह, दो खंडकाव्य, दो कविता संग्रह, दो नाटक, चार अनुदित ग्रंथ, तीन आलेख संग्रह, एक संपादित व एक जीवनी। विभिन्न भाषाओं की 500 से अधिक कविताओं का गढ़वाली में अनुवाद। विभिन्न पत्र-पत्रिकाओं में समय-समय पर कविता, व्यंग्य, अनुवाद व सम-सामयिक आलेख प्रकाशित।

उच्च शिक्षा में पढ़ाया जा रहा कठैत का साहित्य

कठैत का काव्य संग्रह ‘तबारि अर अबारि’ श्री गुरु रामराय विवि देहरादून के बीए (हिंदी) द्वितीय सेमेस्टर और व्यंग्य संग्रह ‘बक्कि तुमारि मर्जी’ एमए (हिंदी) द्वितीय सेमेस्टर के पाठ्यक्रम का हिस्सा है। उत्तराखंड मुक्त विवि के गढ़वाली भाषा प्रमाण पत्र कार्यक्रम में भी उनकी पुस्तक पढ़ाई जाती है।

नरेंद्र कठैत को मिले सम्मान व पुरस्कार

  • वर्ष 2008-09 में आदित्यराम नवानी पुरस्कार
  • वर्ष 2011 में हिमाद्री रत्न पुरस्कार
  • वर्ष 2011-12 में डा. गोविंद चातक सम्मान
  • वर्ष 2013 में लोक साहित्य मंच दिल्ली की ओर से महाकवि कन्हैयालाल डंडरियाल साहित्य सम्मान
  • वर्ष 2022 में उत्तराखंड साहित्य गौरव सम्मान
  • वर्ष 2023 में हिमवंत साहित्य सम्मान

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