उत्तराखंडकानून व्यवस्थाक्राइमगिरफ़्तारपेपर लीक प्रकरणयूथ

फर्जी दस्तावेज़ से परीक्षा देने की फिराक में था मुन्नाभाई, पुलिस ने धरा

Munnabhai was trying to take the exam using fake documents, police arrested him.

खबर को सुनें


फर्जी दस्तावेज़ से परीक्षा देने की फिराक में था मुन्नाभाई, पुलिस ने धरा

आरोपित ने एक ही परीक्षा के लिए तीन अलग-अलग परीक्षा केंद्रों से आवेदन किया था

देहरादून, 4 अक्टूबर 2025 : उत्तराखंड अधीनस्थ सेवा चयन आयोग (UKSSSC) की परीक्षा में फर्जी दस्तावेजों के सहारे शामिल होने की कोशिश करने वाले एक अभ्यर्थी को पुलिस ने गिरफ्तार किया है। आरोपी ने एक ही परीक्षा के लिए तीन अलग-अलग परीक्षा केंद्रों से आवेदन किया था। जांच में सामने आया कि उसकी उम्र सरकारी नौकरी की निर्धारित सीमा से अधिक हो चुकी थी, जिसके बाद उसने दस्तावेजों में हेरफेर कर खुद को पात्र दिखाने की कोशिश की।

मामला तब सामने आया जब आयोग ने अभ्यर्थियों के डाटा की जांच के दौरान एक आवेदन संदिग्ध पाया और पुलिस को सूचित किया। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक देहरादून के निर्देश पर की गई जांच में आरोपी की पहचान सुरेन्द्र कुमार पुत्र सलेक कुमार, निवासी कनकपुर, भोजपुर मोदीनगर (गाजियाबाद, उत्तर प्रदेश) के रूप में हुई। उसने तीन अलग-अलग मोबाइल नंबरों से आवेदन कर टिहरी, हरिद्वार और देहरादून परीक्षा केंद्र चुने थे।

पुलिस जांच में यह भी पता चला कि सुरेन्द्र ने उम्र छिपाने के लिए अपने शैक्षिक प्रमाण पत्रों और जन्मतिथि में हेराफेरी की थी। आरोपी ने स्वीकार किया कि उसकी वास्तविक जन्मतिथि 1 अप्रैल 1988 है, लेकिन उसने इसे बदलकर 1 जनवरी 1995 करवा लिया ताकि वह सरकारी परीक्षा के लिए पात्र बन सके।

पुलिस के अनुसार, सुरेन्द्र ने 2007 में इंटरमीडिएट पास किया था, बाद में उम्र कम दिखाने के उद्देश्य से 2012 में दोबारा हाईस्कूल और 2014 में इंटर की परीक्षा दी। इसके अलावा उसने 2012 में राजस्थान से और 2018 में सोलन (हिमाचल प्रदेश) से बीए की डिग्री प्राप्त की।

थाना रायपुर में सुरेन्द्र के खिलाफ धारा 318(4), 336(3) और 340(2) बीएनएस के तहत मुकदमा दर्ज किया गया है। आरोपी को हिरासत में लेकर पुलिस आगे की कानूनी कार्रवाई में जुटी है।

Global Ganga News

साथियों, Globalganga.com के मंच पर आपका स्वागत करते हुए हम स्वयं को गौरवान्वित महसूस कर रहे हैं। यह ऐसा मौका है, जब हम भी वेब पोर्टल की भीड़ में शामिल होने जा रहे हैं, इस संकल्प के साथ कि भीड़ का हिस्सा होते हुए भी हमेशा भीड़ से अलग दिखने का प्रयास करेंगे। हम चाहते हैं कि उत्तराखंड की संस्कृति एवं परंपराओं का देश-दुनिया में प्रसार हो, उत्तराखंड की बोली-भाषाएं समृद्ध हों और उन्हें स्वतंत्र पहचान मिले, यहां आध्यात्मिक पर्यटन एवं तीर्थाटन का विकास हो …और सबसे अहम बात यह कि इस सब में हमारी भी कुछ न कुछ भागीदारी अवश्य रहे। साथ ही एक विनम्र आग्रह भी है कि अपने कीमती सुझावों से समय-समय पर अवगत कराते रहें। ताकि सुधार की प्रक्रिया निरंतर गतिमान रहे। अंत में सिर्फ इतना ही कहना है कि हम एक-दूसरे पर भरोसा बनाये रखें। यही भरोसा समाज में संवाद की बुनियाद मजबूत करने का आधार बनेगा। इन्हीं शब्दों के साथ आइये! कामना करें कि- ‘सबके हृदय में सर्वदा संवेदना की दाह हो, हमको तुम्हारी चाह हो, तुमको हमारी चाह हो। -संपादक

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button