आपदा

मसूरी और दून के बीच आवाजाही ठप, देहरादून में ट्रैफिक डायवर्ट

Movement between Mussoorie and Doon halted, traffic diverted in Dehradun

खबर को सुनें


मसूरी और दून के बीच आवाजाही ठप, देहरादून में ट्रैफिक डायवर्ट

पुलिस की अपील अगली सूचना तक मसूरी की यात्रा स्थगित रखें

देहरादून, 16 सितम्बर 2025 :
हाल ही में आई आपदा के चलते देहरादून जनपद में कई सड़कों और पुलों को भारी क्षति पहुँची है, जिससे सामान्य यातायात व्यवस्था बाधित हो गई है। सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए जिला प्रशासन ने वैकल्पिक मार्गों की व्यवस्था करते हुए ट्रैफिक को डायवर्ट करने का निर्णय लिया है।
हालांकि, पर्यटन नगरी मसूरी की ओर जाने वाले सभी मार्ग पूरी तरह से बंद कर दिए गए हैं, जिससे मसूरी आने-जाने वाला ट्रैफिक फिलहाल रोक दिया गया है। प्रशासन ने साफ किया है कि जब तक मार्ग सुरक्षित नहीं हो जाते, तब तक मसूरी की ओर कोई भी आवागमन संभव नहीं होगा। प्रशासन ने आमजन से अपील की है कि वे ट्रैफिक पुलिस और प्रशासन द्वारा दिए गए निर्देशों का पालन करें और अनावश्यक यात्रा से बचें। विशेषकर मसूरी की यात्रा की योजना बना रहे लोग अगली सूचना तक यात्रा स्थगित रखें।

यातायात डायवर्जन की मुख्य व्यवस्थाएं इस प्रकार हैं:

विकासनगर से देहरादून आने वाला ट्रैफिक: धूलकोट तिराहा से डायवर्ट किया जाएगा, जो सिंघनीवाला तिराहा और नया गांव होते हुए देहरादून पहुंचेगा।
भाउवाला, सुद्धोवाला, झाझरा से देहरादून आने वाला ट्रैफिक: बाला जी धाम से डायवर्ट होकर बडोंवाला के रास्ते प्रेमनगर/आईएसबीटी होते हुए देहरादून जाएगा।
देहरादून से विकासनगर, सहसपुर, झाझरा, सेलाकुई जाने वाला ट्रैफिक: रागड़वाला तिराहा से होकर बडोंवाला, सिंघनीवाला और धूलकोट के रास्ते भेजा जाएगा।
हिमाचल/चंडीगढ़/पांवटा साहिब जाने वाले यात्री: सेंट ज्यूड चौक, बडोवाला और विकासनगर होते हुए अपने गंतव्य तक पहुँच सकेंगे।
सहारनपुर और नेपाली फार्म से देहरादून/ऋषिकेश की ओर आने-जाने वाले यात्रियों के लिए सामान्य मार्ग खुले हैं।

Global Ganga News

साथियों, Globalganga.com के मंच पर आपका स्वागत करते हुए हम स्वयं को गौरवान्वित महसूस कर रहे हैं। यह ऐसा मौका है, जब हम भी वेब पोर्टल की भीड़ में शामिल होने जा रहे हैं, इस संकल्प के साथ कि भीड़ का हिस्सा होते हुए भी हमेशा भीड़ से अलग दिखने का प्रयास करेंगे। हम चाहते हैं कि उत्तराखंड की संस्कृति एवं परंपराओं का देश-दुनिया में प्रसार हो, उत्तराखंड की बोली-भाषाएं समृद्ध हों और उन्हें स्वतंत्र पहचान मिले, यहां आध्यात्मिक पर्यटन एवं तीर्थाटन का विकास हो …और सबसे अहम बात यह कि इस सब में हमारी भी कुछ न कुछ भागीदारी अवश्य रहे। साथ ही एक विनम्र आग्रह भी है कि अपने कीमती सुझावों से समय-समय पर अवगत कराते रहें। ताकि सुधार की प्रक्रिया निरंतर गतिमान रहे। अंत में सिर्फ इतना ही कहना है कि हम एक-दूसरे पर भरोसा बनाये रखें। यही भरोसा समाज में संवाद की बुनियाद मजबूत करने का आधार बनेगा। इन्हीं शब्दों के साथ आइये! कामना करें कि- ‘सबके हृदय में सर्वदा संवेदना की दाह हो, हमको तुम्हारी चाह हो, तुमको हमारी चाह हो। -संपादक

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button