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सड़क पर छोड़ी गाय तो भुगतने को तैयार रहें 10 हजार का जुर्माना

If you leave a cow on the road, be prepared to pay a fine of Rs 10,000

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सड़क पर छोड़ी गाय तो भुगतने को तैयार रहें 10 हजार का जुर्माना

देहरादून, 30 अक्टूबर 2025 : यदि अब सड़क पर गाय को बेसहारा छोड़ा तो दो हजार नहीं बल्कि 10 हजार रुपये का जुर्माना भरना पड़ेगा। यह निर्णय उत्तराखंड गोसेवा आयोग की कार्यकारिणी की अहम बैठक में लिया गया।

बृहस्पतिवार को मोथरोवाला स्थित पशुधन भवन सभागार में आयोग अध्यक्ष राजेंद्र अंथवाल की अध्यक्षता में हुई कार्यकारिणी की बैठक में गो संरक्षण, गो तस्करी पर नियंत्रण और गोमाता को राष्ट्रमाता का दर्जा देने से जुड़े कई महत्वपूर्ण प्रस्ताव पारित किए गए। प्रस्तावों के अनुसार, तस्करी में पकड़े जाने पर अब 10 वर्ष का कठोर कारावास और 5 लाख रुपये का जुर्माना भी देना होगा। आयोग ने कहा कि यह सख्त प्रावधान गोवंश के प्रति बढ़ती क्रूरता और लापरवाही को रोकने के लिए आवश्यक हैं।

अध्यक्ष अंथवाल ने कहा कि शास्त्रों में गाय को माता का स्थान दिया गया है और जहां गाय पलती है, वहां समृद्धि रहती है। उन्होंने चिंता जताई कि आज भी राज्य का लगभग 60 प्रतिशत गोवंश सड़कों पर बेसहारा घूम रहा है, जो बेहद दुखद स्थिति है। उन्होंने निर्देश दिए कि गो संरक्षण से जुड़े सभी प्रावधानों का सख्ती से अनुपालन कराया जाए और राज्यभर में संचालित गो सदनों की व्यवस्थाओं में सुधार किया जाए।

आयोग ने निर्णय लिया कि शहरी और ग्रामीण दोनों क्षेत्रों में गौवंश का पंजीकरण, टैगिंग और फोटोग्राफी अनिवार्य की जाएगी। साथ ही पुलिस विभाग के स्तर पर एक पृथक “गौवंश संरक्षण स्वाइयड” का गठन किया जाएगा, जो राज्य की सीमाओं पर नियमित चेकिंग करेगा और गौ तस्करी पर निगरानी रखेगा।

अध्यक्ष ने नगर पंचायतों और जिला पंचायतों में गौ सदन निर्माण की सुस्त प्रगति पर नाराजगी जताते हुए निर्माणाधीन गौशालाओं को शीघ्र पूर्ण करने के निर्देश दिए। घायल और बीमार गौवंश के त्वरित उपचार के लिए पर्याप्त लिफ्टिंग वैन की व्यवस्था सुनिश्चित करने पर भी जोर दिया गया।

बैठक में यह भी तय किया गया कि गौ माता को राष्ट्रमाता का दर्जा देने और देशभर में समान गौ संरक्षण कानून लागू करने का प्रस्ताव भारत सरकार को भेजा जाएगा। साथ ही देशी नस्लों के संरक्षण, नंदीशालाओं की स्थापना और भूसे की आपूर्ति पर नियंत्रण जैसे प्रस्ताव भी सर्वसम्मति से पारित किए गए।

बैठक में उप सचिव पशुपालन महावीर सिंह पंवार, संयुक्त सचिव वन सत्य प्रकाश सिंह, सदस्य गौरी मौलेखी, कामनी कश्यप, कमलेश भट्ट सहित कई अधिकारी और सदस्य उपस्थित रहे।

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