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अलविदा! अंग्रेजो के जमाने के जेलर 

Goodbye! British-era jailers

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अलविदा! अंग्रेजो के जमाने के जेलर

मुंबई, 21 अक्टूबर 2025 :  बॉलीवुड के वरिष्ठ अभिनेता असरानी का सोमवार को 84 वर्ष की आयु में निधन हो गया। वे लंबे समय से अस्वस्थ चल रहे थे और मुंबई के एक निजी अस्पताल में उनका इलाज चल रहा था। दिवाली के दिन दोपहर करीब साढ़े तीन बजे उन्होंने अंतिम सांस ली।

पूरा नाम गोवर्धन असरानी रखने वाले इस महान कलाकार का जन्म 1 जनवरी 1941 को जयपुर में हुआ था। सेंट जेवियर्स स्कूल, जयपुर से शिक्षा प्राप्त करने के बाद असरानी ने 1960 के दशक में फिल्मों में कदम रखा। उनकी कॉमिक टाइमिंग और सहज अभिनय शैली ने उन्हें दर्शकों का प्रिय बना दिया।

असरानी को पहला मौका 1967 में फिल्म ‘हरे कांच की चूड़ियां’ से मिला। इसके बाद उन्होंने ‘बावर्ची’, ‘चुपके चुपके’, ‘छोटी सी बात’, ‘खट्टा मीठा’ और ‘भूल भुलैया’ जैसी फिल्मों में अपनी अदाकारी का जादू बिखेरा। हालांकि, फिल्म ‘शोले’ में निभाए गए जेलर के किरदार ने उन्हें अमर बना दिया।

करीब पांच दशक के करियर में असरानी ने 350 से अधिक फिल्मों में काम किया और हास्य भूमिकाओं के साथ-साथ कई गंभीर किरदारों से भी अपनी बहुमुखी प्रतिभा का परिचय दिया। सोमवार शाम मुंबई के सांताक्रुज स्थित शास्त्री नगर श्मशानभूमि में उनका अंतिम संस्कार परिजनों और करीबी मित्रों की मौजूदगी में किया गया।

फिल्म जगत में असरानी को हमेशा एक ऐसे कलाकार के रूप में याद किया जाएगा, जिन्होंने अपनी हंसी और अभिनय से भारतीय सिनेमा को मुस्कुराने का कारण दिया।

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