
देहरादून, 29 अक्टूबर 2025: कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (EPFO) ने अपने सदस्यों के लिए पीएफ और पेंशन से जुड़े नियमों में बड़ा बदलाव किया है। ये बदलाव देशभर के करोड़ों कर्मचारियों के लिए राहत की खबर लेकर आए हैं। नए नियमों का उद्देश्य कर्मचारियों को सर्विस में निरंतरता, तेज निकासी प्रक्रिया और बेहतर पेंशन लाभ देना है।
अब सर्विस नहीं टूटेगी, पेंशन रहेगी जारी
EPFO के नए नियम के अनुसार, अब यदि कोई कर्मचारी नौकरी छोड़ने के बाद 12 महीने के भीतर नई नौकरी ज्वाइन करता है, तो उसकी पुरानी सर्विस नई सर्विस से जुड़ जाएगी।
पहले यह अवधि सिर्फ दो महीने थी, जिसके बाद सर्विस ब्रेक मान ली जाती थी और पेंशन पात्रता टूट जाती थी। अब यह निरंतरता बनी रहने से कर्मचारियों को पेंशन के लंबे लाभ मिलते रहेंगे।
PF निकासी के नियमों में बड़ा बदलाव
अब कर्मचारी नौकरी छोड़ने के बाद 75% पीएफ तुरंत निकाल सकते हैं, जिसके लिए दो महीने का इंतजार नहीं करना होगा। बाकी 25% राशि एक साल बाद ही निकाली जा सकेगी। EPFO का उद्देश्य है कि यदि कर्मचारी एक साल के भीतर नई नौकरी पा ले, तो उसकी सर्विस समाप्त न हो और पेंशन लाभ प्रभावित न हो।
पेंशन गणना का नया फॉर्मूला
पेंशन की गणना में भी बड़ा बदलाव किया गया है। अब पेंशन आखिरी वेतन के बजाय पिछले 5 साल के औसत वेतन के आधार पर तय होगी। इसके साथ ही अब कर्मचारी 50 वर्ष की उम्र में अर्ली पेंशन के लिए आवेदन कर सकते हैं। हालांकि, जल्दी पेंशन लेने पर राशि में थोड़ी कटौती होगी।
ऑनलाइन क्लेम प्रक्रिया और आसान
EPFO ने क्लेम प्रक्रिया को पूरी तरह डिजिटल बना दिया है। अब कर्मचारियों को फॉर्म जमा करने या दफ्तरों के चक्कर लगाने की जरूरत नहीं पड़ेगी। पेंशन या निकासी से जुड़ी सभी प्रक्रियाएं अब EPFO वेबसाइट या मोबाइल ऐप से ऑनलाइन पूरी की जा सकती हैं।
पेंशन लिमिट बढ़कर ₹15,000 हुई
पहले अधिकतम पेंशन सीमा ₹7,500 प्रति माह थी, जिसे अब ₹15,000 प्रति माह कर दिया गया है।
इससे खास तौर पर उच्च वेतन पाने वाले कर्मचारियों को रिटायरमेंट के बाद अधिक पेंशन का लाभ मिलेगा।
नए नियमों से क्या होगा फायदा और नुकसान
| बदलाव | फायदा | नुकसान |
| 12 महीने में नई नौकरी जोड़ने पर सर्विस जारी | पेंशन पात्रता बरकरार | 12 महीने बाद ब्रेक माना जाएगा |
| 75% PF की तुरंत निकासी | तत्काल आर्थिक राहत | 25% राशि एक साल तक अटकी रहेगी |
| 50 वर्ष में अर्ली पेंशन | जल्दी सुरक्षा | पेंशन राशि में कटौती |
| 5 साल के औसत वेतन से गणना | निष्पक्ष आकलन | कम वेतन वाले सालों से औसत घट सकता है |
| ऑनलाइन क्लेम प्रक्रिया | समय और मेहनत की बचत | तकनीकी जानकारी न होने पर मुश्किल |



