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विवाह पर नहीं था विश्वास, अविवाहित मां बनीं देवी

Devi became an unmarried mother

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विवाह पर नहीं था विश्वास, अविवाहित मां बनीं देवी

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  • इन विट्रो फर्टिलाइजेशन (आइवीएफ) तकनीक से किया गर्भधारण

  • एम्स ऋषिकेश में नौ सितंबर को ऑपरेशन से दिया बच्चे को जन्म

देहरादून, 11 सितंबर 2025
‘पिया गईले कलकतवा ए सजनी’ (Piya Gayele Calkatwa) व ‘अईले मोरे राजा’ (Aile More Raja) गीत गाकर लोगों के दिलों ओर राज करने वाली भोजपुरी लोकगायिका देवी ने अविवाहित रहते हुए इन विट्रो फर्टिलाइजेशन (आइवीएफ) तकनीक से बच्चे को जन्म दिया है। उन्होंने जर्मनी में स्पर्म बैंक की मदद से गर्भ धारण किया और नौ सितंबर मंगलवार को एम्स ऋषिकेश में ऑपरेशन से सिंगल मदर बनने का गौरव हासिल किया। 
दरअसल, विवाह नामक संस्था में विश्वास न करने वाली देवी का सपना था कि वह अविवाहित रहकर मां बनें। आधुनिक चिकित्सा विज्ञान ने उनका यह सपना पूरा किया। देवी कहती हैं कि यह निर्णय कठिन जरूर था, लेकिन वह अपने इस कदम से महिलाओं के निर्णय लेने की स्वतंत्रता का समर्थन करना चाहती हैं। इसलिए उन्हें अपने इस साहसिक निर्णय पर गर्व है।
भोजपुरी लोकगायिका देवी का जन्म बिहार के छपरा जिले में हुआ। उन्होंने शुरुआती शिक्षा और संगीत की शुरुआती शिक्षा भी छपरा में ही हासिल की थी। पिता साहित्यिक प्रवृत्ति के व्यक्ति थे, इसलिए देवी के बचपन में उनके गीतों के लिए शब्दों का चयन स्वयं करते थे। यही वजह है कि देवी शुरुआत से ही अश्लीलता से दूर रहीं और उनकी  छवि एक साफ-सुथरे गीत गाने वाली गायिका की बन गई। भोजपुरी गीतों में अश्लीलता का देवी के बार खुलकर विरोध कर चुकी हैं।
देवी बीते छह सितंबर को एम्स ऋषिकेश में भर्ती हुई थीं और नौ सितंबर को उन्होंने ऑपरेशन के जरिये बच्चे को जन्म दिया। देवी का कहना है कि उन्हें अविवाहित जीवन पसंद है, बावजूद इसके वह मां बनने का सपना देखती थीं। हालांकि, उनके लिए इस सपने को साकार करना बड़ी चुनौती था। ऐसे आईवीएफ तकनीक काम आई। प्रजनन की इस तकनीक में भ्रूण उत्पादन के लिए प्रयोगशाला में अंडे को शुक्राणु के साथ जोड़ा जाता है। देवी ने बताया कि तीर्थ नगरी ऋषिकेश से उनका विशेष लगाव रहा है। पहले भी कई बार वह ऋषिकेश आ चुकी हैं। यहां की प्राकृतिक सुंदरता उन्हें बेहद भाती है।  इसलिए एम्स ऋषिकेश में मां बनने का निर्णय लिया।

इस गीत से सुपरस्टार बनीं देवी
50 से ज्यादा एलबम में गा चुकीं देवी के गीत आज भी हर समारोह की जान बनते हैं। लेकिन जिस गीत ने उन्हें भोजपुरी का सुपरस्टार बनाया, वह था एलबम ‘बावरिया’ का ‘पिया गईले कलकतवा ए सजनी’ (Piya Gayele Calkatwa)। यह एक विरह गीत था, जिसने ने लोगों के दिलों में खास जगह बनाई। इस एलबम के अन्य गीतों ‘कुएं का ठंडा पानी’ ‘परवल बेचे जाईब भागलपुर’ ‘ओ गोरी चोरी-चोरी’ ‘परदेसिया- परदेसिया’ ‘पिया बंसिया बजावे आधी रतिया’ ‘दिल तुझे पुकारे आजा’ ‘अंगुरी में डसले बिया नगिनिया’ ने भी खूब धमाल मचाया। इसके अलावा एक अन्य एलबम ‘अईले मोरे राजा’ (Aile More Raja) के गीतों को भी दर्शकों का भरपूर प्यार मिला और देवी  सुपर स्टार बन गईं। देवी भोजपुरी के अलावा हिंदी, मैथिली और मगही में भी गाती हैं।
जब भजन पर हो गया था विवाद
दिसंबर 2024 में पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी की जयंती के अवसर पर पटना के बापू सभागार में एक कार्यक्रम आयोजित हुआ। इसमें लोक गायिका देवी को भी आमंत्रित किया गया था। देवी ने जैसे ही भजन ‘रघुपति राघव राजा राम, ईश्वर-अल्लाह तेरो नाम’ गाना शुरू किया, कुुुछ लोग इसके विरोध में उतर आए और मंच से जय श्रीराम के नारे लगाने लगे। उन्हें ईश्वर-अल्लाह तेरो नाम गाने पर आपत्ति थी। ऐसे में हंगामे को देखते हुए देवी को भजन रोककर माफी मांगनी पड़ी। हालांकि, उन्होंने बाद में कहा कि मुझे माफी नहीं माांगनी चाहिए थी।

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