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अब खुला-खुला नजर आएगा दून का आढ़त बाजार

Now the Doon Aadat market will be seen openly

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अब खुला-खुला नजर आएगा दून का आढ़त बाजार

देहरादून आढ़त बाजार शिफ्ट करने को उल्टी गिनती शुरू, तीन नवंबर से शुरू होगा भूखंड आवंटन

देहरादून, 15 अक्टूबर 2025  : मसूरी-देहरादून विकास प्राधिकरण (एमडीडीए) उपाध्यक्ष बंशीधर तिवारी की अध्यक्षता में बुधवार को आढ़त बाजार पुनर्विकास परियोजना की प्रगति की समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में प्राधिकरण अधिकारियों के साथ आढ़त बाजार एसोसिएशन पदाधिकारी और स्थानीय प्रतिनिधि शामिल रहे। बैठक में परियोजना की अद्यतन स्थिति पर विस्तृत चर्चा की गई और आगे की कार्ययोजना तय की गई।

लेखपाल नजीर अहमद ने बताया कि परियोजना का अधिकांश कार्य प्राधिकरण स्तर पर पहले ही संपन्न हो चुका है। बैठक में निर्णय लिया गया कि पुराने आढ़त बाजार के मालिक अपनी संपत्तियों को रजिस्ट्री के माध्यम से लोक निर्माण विभाग (PWD) को हस्तांतरित करेंगे। साथ ही, भूखंड आवंटन और नकद प्रतिकर की प्रक्रिया 3 नवंबर 2025 से समानांतर रूप से प्रारंभ होगी। यह भी तय किया गया कि रजिस्ट्री के 15 दिन के भीतर पुराने निर्माणों को स्वेच्छा से ध्वस्त किया जाएगा और छह माह के भीतर नए परिसर में निर्माण कार्य पूरा किया जाएगा।

उपाध्यक्ष बंशीधर तिवारी ने कहा कि आढ़त बाजार पुनर्विकास परियोजना देहरादून के लिए एक मॉडल प्रोजेक्ट साबित होगी। उन्होंने कहा कि सभी प्रभावित व्यापारियों का पुनर्वास सम्मानजनक और पारदर्शी तरीके से किया जाएगा ताकि किसी के हितों को नुकसान न हो। उन्होंने स्पष्ट किया कि नए आवंटित भूखंडों का 10 वर्षों तक क्रय-विक्रय प्रतिबंधित रहेगा, जिससे पुनर्विकास के उद्देश्य को दीर्घकाल तक संरक्षित रखा जा सके।

उन्होंने बताया कि आढ़त बाजार के चौड़ीकरण के लिए लेफ्ट और राइट साइड की दो अलग-अलग टीमें गठित की गई हैं। यह पुनर्विकास परियोजना न केवल व्यापारिक गतिविधियों को सशक्त बनाएगी, बल्कि देहरादून शहर की ट्रैफिक व्यवस्था को भी सुव्यवस्थित करेगी। तिवारी ने कहा कि सहारनपुर चौक से प्रिंस चौक तक लगने वाले जाम की समस्या में इससे बड़ी राहत मिलेगी।

प्राधिकरण सचिव मोहन सिंह बर्निया ने कहा कि यह परियोजना देहरादून के सुनियोजित विकास की दिशा में एमडीडीए की महत्वपूर्ण पहल है। इसका उद्देश्य पारंपरिक व्यापारिक ढांचे को आधुनिक स्वरूप देना और व्यापारियों को स्वच्छ, सुरक्षित एवं सुविधाजनक कार्यस्थल उपलब्ध कराना है। उन्होंने कहा कि भूखंड आवंटन और प्रतिकर वितरण प्रक्रिया पूर्णतः पारदर्शी होगी तथा कोई भी व्यापारी पुनर्वास से वंचित नहीं रहेगा।

बैठक में संयुक्त सचिव गौरव चटवाल, वित्त नियंत्रक संजीव कुमार, अधीक्षण अभियंता सुनील कुमार, सीओ जगदीश चंद्र पंत, पीडब्ल्यूडी के अधिकारी और आढ़त बाजार एसोसिएशन के अध्यक्ष राजेंद्र गोयल एवं सचिव विनोद गोयल सहित कई अधिकारी उपस्थित रहे।

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