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पहाड़ी रंग में रंगीं कलेक्टर 

Collector painted in hill colours

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पहाड़ी रंग में रंगीं कलेक्टर

श्रीनगर, 8 नवंबर 2025 : बैकुंठ चतुर्दशी मेले की रौनक इस बार तब और भी बढ़ गई, जब “मि उत्तराखंडी छौं” पहाड़ी परिधान प्रतियोगिता में पौड़ी की जिलाधिकारी स्वाति भदौरिया पूरी तरह पहाड़ के लोक रंग में रंगी नजर आईं। पारंपरिक गढ़वाली वेशभूषा में सजी जिलाधिकारी ने कार्यक्रम में पहुंचते ही लोगों का मन मोह लिया और पूरे परिसर में माटी की महक घोल दी। मेयर, उपजिलाधिकारी, तहसीलदार से लेकर पार्षदों तक—सभी जनप्रतिनिधि भी पारंपरिक पोशाक में पहुंचे, जिससे पूरा आयोजन लोकसंस्कृति की एक जीवंत झांकी बन गया।

गुरुवार को गोला बाजार में आयोजित इस रंगीन कार्यक्रम में स्थानीय महिलाओं, युवाओं और बच्चों ने भी उत्साह के साथ भाग लिया। कुमाऊं-गढ़वाल की वेशभूषा में सजे प्रतिभागियों ने अपनी माटी, अपनी पहचान और अपनी परंपराओं की अनूठी छटा बिखेर दी। लोकगीतों की धुन, रंग-बिरंगे परिधान और उत्साह से भरे चेहरे पूरे मेले में संस्कृति के उत्सव का संदेश दे रहे थे।

कार्यक्रम के तहत “स्वाणि नौनी, स्वाणु नौनु, द्वि झणां” प्रतियोगिताएं आयोजित हुईं, जिनमें प्रतिभागियों ने न केवल परिधान, बल्कि अपने लोकजीवन के सहज भावों को भी मंच पर उतारा। मेयर आरती भंडारी ने कहा कि पारंपरिक वेशभूषा केवल कपड़े नहीं, बल्कि पूर्वजों की धरोहर और हमारी अस्मिता का प्रतीक है। ऐसे आयोजन आने वाली पीढ़ियों को अपनी जड़ों से जोड़ने का काम करते हैं।

जिलाधिकारी स्वाति भदौरिया ने गढ़वाली में कहा—“सुण दीदी, सुण भुली… मैं त अपण संस्कृति बचौंण चली।” उन्होंने पर्व-त्योहार, विवाह और विशेष अवसरों पर पहाड़ी वेशभूषा अपनाने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि मेले संस्कृति, सहभागिता और सामुदायिक एकता के प्रतीक हैं, और हमें वेशभूषा के साथ-साथ अपनी लोकभाषा, लोकनृत्य और पहाड़ी रसोई से भी जुड़ना चाहिए।

प्रतियोगिता के परिणाम भी घोषित किए गए। स्वाणु नौनु (पुरुष वर्ग) में अभय, स्वाणि नौनी (महिला वर्ग) में सोनाली, द्वि झणां (युगल वर्ग) में रचित गर्ग एवं मारिषा पंवार, पार्षद वर्ग में रश्मि (महिला) और शुभम प्रभाकर (पुरुष), जबकि निगम कर्मचारी वर्ग में संजय राणा विजेता रहे।

जिलाधिकारी ने निर्णायकों अंबिका रावत, शेखर काला और सुधांशु को स्मृति चिन्ह देकर सम्मानित किया। कार्यक्रम का संचालन कमलेश जोशी और सरिता उनियाल ने किया।

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