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‘बागी टिहरी’ फिर पाठकों के हाथ में

'Baagi Tehri' back in the hands of readers

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‘बागी टिहरी’ फिर पाठकों के हाथ में

पर्यावरणविद् सुंदरलाल बहुगुणा की लिखी इस पुनर्प्रकाशित पुस्तक का शुक्रवार को हुआ लोकार्पण

 

देहरादून, 9 जनवरी 2026: पर्यावरणविद् सुंदरलाल बहुगुणा की जन्म शताब्दी पर शुक्रवार शाम दून पुस्तकालय एवं शोध केंद्र के सभागार में आयोजित कार्यक्रम में उनकी पुस्तक ‘बागी टिहरी’ (पुनर्प्रकाशित) का लोकार्पण हुआ। इस दौरान पुस्तक पर चर्चा भी हुई और पर्यावरण संरक्षण के लिए बहुगुणा के योगदान को याद किया गया।

‘बागी टिहरी’ पर चर्चा के दौरान दून विश्वविद्यालय के प्रोफेसर डॉ. हर्ष डोभाल, मेरठ विश्वविद्यालय की प्रोफेसर डॉ. प्रज्ञा पाठक, स्वामी राम विश्वविद्यालय के कुलपति डॉ. राजेंद्र डोभाल, पत्रकार राजीव नयन बहुगुणा, बीज बचाओ आंदोलन के प्रणेता विजय जड़धारी, सामाजिक कार्यकर्ता अनूप नौटियाल, पत्रकार राहुल कोटियाल आदि ने स्व. सुंदर लाल बहुगुणा को जमीनी स्तर पर पर्यावरण के संरक्षण के लिए उनके योगदान को याद करते हुए उन्हें श्रद्धांजलि दी। वक्ताओं ने उनके सर्वोदयी चिंतन पर व्यापक प्रकाश डालते हुए उन्हें समाज के लिए महत्वपूर्ण बताया।

वक्ताओं ने कहा कि इस पुस्तक में टिहरी राजशाही और स्वतंत्रता के दौर तत्कालीन परिवेश का चित्रण मौजूद है। इसमें टिहरी के राजनैतिक आन्दोलन, विद्यार्थी आन्दोलन के इतिहास, वर्ष 1942 की बगावत, श्रीदेव ‘सुमन’ के बलिदान, डांग-चौरा किसान आन्दोलन, सकलाना की तबाही, टिहरी में लड़ाई का बिगुल और टिहरी रियासत का भारत में विलय जैसे तत्कालीन प्रसंगों व विवरणों का सार्थक उल्लेख मिलता है।बवक्ताओं ने सुंदरलाल बहुगुणा के पुरानी टिहरी से जुड़े विविध घटनाक्रमों के अनुभव और संस्मरण भी श्रोताओं के साथ साझा किये। इनमें तत्कालीन टिहरी की राजशाही, पत्रकारिता, स्वतंत्रता आंदोलन, पर्यावरण चेतना, सामाजिक समरसता और टिहरी बांध जैसे विविध विषयों का उल्लेख किया गया।

पुनर्प्रकाशित पुस्तक बागी टिहरी के बारे बताते हुए मधु पाठक ने बताया कि उन्हें अपने पिताजी की कई पुरानी डायरियां मिली थीं, उसमें से भी कुछ विवरणों को इसमें शामिल किया है। कार्यक्रम में जनकवि डॉ. अतुल शर्मा ने सुंदरलाल बहुगुणा पर अपना अनुभव सुनाते हुए अपना गीत ‘अब नदियों पर संकट है सारे गांव इक्कट्ठा हों ‘ भी श्रोताओं को सुनाया।

इससे पूर्व दून पुस्तकालय एवं शोध केन्द्र के कार्यक्रम अधिकारी चन्द्रशेखर तिवारी ने सभागार में उपस्थित सभी लोगों का हार्दिक अभिनंदन किया। इस अवसर पर डॉ. बीसी पाठक, डॉ. बीपी मैठाणी, पवन लाल चंद, प्रेरणा रतूड़ी, बीना डंगवाल, प्रेम पंचोली, सुरेन्द्र सजवाण, सुंदर सिंह बिष्ट, डीके कांडपाल, जयप्रकाश खंकरियाल, अरुण कुमार असफल, कुसुम रावत, डॉ. एचसी पुरोहित, शैलेन्द्र सेमवाल, योगेन्द्र सिंह नेगी, जगदीश बाबला, समीर रतूड़ी, इरा चौहान सहित शहर के अनेक गणमान्य व्यक्ति, सामाजिक कार्यकर्ता, सर्वोदय से जुड़े लोग और पुस्तकालय के पाठकगण उपस्थित रहे।संचालन डॉ. योगेश धस्माना ने किया।

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