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अराजकता बर्दाश्त नहीं, ऐसे युवकों के विरुद्ध चलेगा अभियान 

Anarchy will not be tolerated, campaign will be launched against such youth

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अराजकता बर्दाश्त नहीं, ऐसे युवकों के विरुद्ध चलेगा अभियान

  • आईजी कुमाऊं ने खटीमा में जनता दरबार में सुनीं समस्याएं
खटीमा, 12 सितंबर 2025 :  उत्तराखण्ड को नशा मुक्त और साइबर अपराध रहित बनाने की दिशा में पुलिस प्रशासन ने बड़ी पहल की है। खटीमा कोतवाली में आयोजित थाना दिवस पर पहुंची पुलिस महानिरीक्षक कुमायूँ परिक्षेत्र रिद्धिम अग्रवाल ने जनता दरबार और सैनिक सम्मेलन के माध्यम से आमजन व पुलिस कर्मियों की समस्याओं को गंभीरता से सुना और त्वरित समाधान के निर्देश दिए।
जनता दरबार में खटीमा, सितारगंज, नानकमत्ता और झनकईया क्षेत्र से आए नागरिकों ने महिला सुरक्षा, साइबर ठगी, नशे की बढ़ती प्रवृत्ति, यातायात अव्यवस्था और अराजक युवाओं से जुड़ी कई समस्याएं रखीं। आईजी अग्रवाल ने इन मुद्दों पर सख्त रुख अपनाते हुए कहा कि साइबर क्राइम और नशाखोरी को किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने जनता से अपील की कि ड्रग्स से जुड़े मामलों की सूचना तुरंत पुलिस को दें । यदि कार्रवाई नहीं होती है, तो संबंधित अधिकारी पर कठोर अनुशासनात्मक कार्यवाही होगी।
साइबर अपराधों, विशेष रूप से “डिजिटल अरेस्ट” जैसे फर्जी मामलों पर चिंता जताते हुए उन्होंने स्पष्ट किया कि इसका कोई कानूनी आधार नहीं है। उन्होंने नागरिकों से कहा कि वे खासकर वरिष्ठ नागरिकों को जागरूक करें और किसी भी लिंक या कॉल पर जल्दबाज़ी में प्रतिक्रिया न दें।
स्कूल-कॉलेज टाइम पर अराजकता फैलाने वाले युवकों की शिकायतों पर आईजी ने एक माह का विशेष अभियान चलाकर मॉडिफाइड मोटरसाइकिलें सीज करने के निर्देश दिए। साथ ही, अभिभावकों से भी सहयोग की अपील की।
महिला सुरक्षा के मुद्दे पर उन्होंने काउंसलिंग और मुकदमे की सशक्त पैरवी के निर्देश दिए। यातायात समस्या के समाधान हेतु एक विशेष कमेटी बनाकर एक माह में रिपोर्ट पेश करने का आदेश दिया गया।
सैनिक सम्मेलन में पुलिसकर्मियों की समस्याओं पर भी विशेष ध्यान दिया गया। उन्होंने “मिशन संवाद” के तहत महिला रेस्ट रूम, बीट बुक का बेहतर उपयोग और स्मार्ट पुलिसिंग पर जोर दिया।
आईजी ने कहा, “पुलिस और जनता की भागीदारी से ही हम नशा, अपराध और साइबर धोखाधड़ी पर प्रभावी नियंत्रण पा सकते हैं।”

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