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वन रक्षकों ने मांगी थी रिश्वत… एक फोन कॉल ने पहुंचा दिया हवालात, अब विभाग ने भी की बड़ी कार्रवाई

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चंपावत, 27 अक्टूबर 2025: वर्दी सिर्फ पहचान नहीं, जिम्मेदारी का प्रतीक होती है। लेकिन, जब यही वर्दी लालच के रंग में रंग जाती है, तो व्यवस्था से भरोसा डगमगा जाता है। चंपावत वन प्रभाग के दो वन रक्षक इस भरोसे को तोड़ बैठे।

शनिवार को सतर्कता अधिष्ठान हल्द्वानी सेक्टर की टीम ने चंपावत से करीब तीन किलोमीटर दूर तल्लादेश मार्ग की वन चौकी में छापा मारकर वन रक्षक दीपक जोशी और भुवन चंद्र भट्ट को रिश्वत लेते रंगेहाथ गिरफ्तार किया था। दोनों ने चीड़ की लकड़ी से लदी एक गाड़ी पकड़ने के बाद उसे छोड़ने के लिए ₹40,000 की मांग की थी, बाद में ₹20,000 में सौदा तय किया गया। लेकिन शिकायतकर्ता ने विजिलेंस टीम को सूचना दे दी और दोनों को वहीं पकड़ लिया गया।

घटना के बाद पिथौरागढ़ डीएफओ आशुतोष सिंह, जो वर्तमान में चंपावत प्रभाग का अतिरिक्त प्रभार संभाल रहे हैं, ने दोनों रक्षकों को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया। विभागीय जांच भी शुरू कर दी गई है।

यह घटना सिर्फ दो कर्मचारियों की गिरफ्तारी नहीं, बल्कि एक बड़ा सबक है कि भ्रष्टाचार की जड़ें चाहे कहीं भी हों, जवाबदेही से बचना अब आसान नहीं। जनता जब सजग होती है, तो व्यवस्था खुद ईमानदार बनने को मजबूर होती है।

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