
पौड़ी, 24 अक्टूबर 2025: उत्तराखंड के पौड़ी और उत्तर प्रदेश के बिजनौर जिले की सीमा पर स्थित देवरामपुर क्षेत्र में बुधवार रात उस वक्त हंगामा मच गया, जब दो पक्षों के विवाद को सुलझाने पहुंची कोटद्वार कोतवाली की पुलिस टीम पर ग्रामीणों ने हमला कर दिया। भीड़ ने पुलिस वाहन पर लाठी-डंडों से वार किए और पत्थर बरसाते हुए एक पुलिसकर्मी को पीटने का प्रयास किया। पुलिस टीम किसी तरह भागकर अपनी जान बचा सकी।
जानकारी के अनुसार, मंगलवार रात रामलीला कार्यक्रम के दौरान दो पक्षों में विवाद हुआ था। अगले दिन शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए कोटद्वार से पुलिस टीम देवरामपुर भेजी गई। टीम एक पक्ष से बात कर रही थी कि तभी दूसरे पक्ष के एक व्यक्ति के मौके पर पहुंचते ही माहौल गरमा गया। दोनों गुट फिर से भिड़ गए।
जब पुलिस ने विवाद बढ़ने से रोकने के लिए तीन लोगों को हिरासत में लेकर वाहन में बैठाने की कोशिश की तो ग्रामीण भड़क गए और पुलिस पर टूट पड़े। पुलिस टीम ने किसी तरह वाहन दौड़ाकर मौके से बच निकलने में सफलता पाई, लेकिन भीड़ ने पीछा करते हुए फिर पथराव किया।
23 ग्रामीणों पर मुकदमा, 14 गिरफ्तार
कोटद्वार कोतवाली प्रभारी रमेश तनवार ने बताया कि घटना में 23 ग्रामीणों के विरुद्ध मुकदमा दर्ज किया गया है। इनमें से 10 महिलाओं समेत 14 आरोपितों को गिरफ्तार किया गया है। गिरफ्तार लोगों में अमन कुमार (जशोधरपुर), कविता देवी, वेदप्रकाश, संजय सिंह, रीता देवी, गीता देवी (पत्नी स्व. विनोद सिंह), संगीता (पत्नी भूपेंद्र), संगीता (पत्नी सुरेंद्र), सुषमा देवी, गीता देवी (पत्नी सिद्धार्थ), सुनीता, अंजली, बबली देवी और वीरेंद्र सिंह शामिल हैं।
इलाके में बढ़ाई गई पुलिस गश्त
घटना के बाद पुलिस ने क्षेत्र में अतिरिक्त बल तैनात कर दिया है और तनावग्रस्त इलाकों में निगरानी बढ़ाई गई है। अधिकारियों का कहना है कि किसी भी उपद्रवी को बख्शा नहीं जाएगा।



