
देहरादून, 2 अक्टूबर 2025: पुलिस विभाग के जिन अधिकारी-कर्मचारियों पर समाज में कानून व्यवस्था कायम रखने, लोगों को न्याय दिलाने और मर्यादा का पालन कराने की जिम्मेदारी है, वो स्वयं पथभ्रष्ट हो रहे हैं। राजधानी देहरादून में बुधवार को एसओ के नशे में वाहन चलाने और वाहन से टक्कर मारने का मामला प्रदेश में पुलिस के कदाचार का एकमात्र मामला नहीं है। ऐसे मामले उत्तराखंड में आए दिन सामने आ रहे हैं। कुछ पुलिस कर्मियों के गलत कृत्यों से पूरे विभाग की साख पर बट्टा लग रहा है। इससे प्रदेश की छवि भी धूमिल हो रही है।

नशे में धुत एसओ ने मारी वाहनों को टक्कर
1 अक्टूबर 2025: देहरादून में राजपुर रोड पर हुए सड़क हादसे का एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल होने के बाद वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक देहरादून ने थानाध्यक्ष राजपुर शैंकी कुमार को निलंबित कर मुकदमा दर्ज करने के आदेश दिए। वीडियो में थानाध्यक्ष राजपुर को नशे की हालत में वाहन से टक्कर मारते हुए देखा गया। प्रथम दृष्टया सरकारी कर्मचारी होते हुए इस तरह के गलत आचरण और दुर्घटना करने पर एसएसपी ने तत्काल प्रभाव से कार्रवाई की।
पुलिस पर प्रताड़ित करने का आरोप
सितंबर 2025: टिहरी जिले के लंबगांव में पुलिस पर एक युवक ने बर्बर तरीके से प्रताड़ित करने का आरोप लगाया। युवक ने पुलिस पर निर्वस्त्र कर डंडों और बेल्ट से पीटने, पेशाब पिलाने, थूका हुआ पानी पीने के साथ ही पुलिस कर्मियों के जूते चाटने के लिए मजबूर करने का आरोप जड़ा है। वहीं, दूसरी ओर आरोपी इंस्पेक्टर ने उक्त व्यक्ति पर पांच मुकदमे दर्ज होने की बात कही।

चौकी प्रभारी एक लाख रुपये रिश्वत लेते गिरफ्तार
मई 2025: विजिलेंस ने देहरादून के पटेलनगर थाना क्षेत्र में आईएसबीटी चौकी के प्रभारी उपनिरीक्षक देवेश खुगशाल को एक लाख रुपये रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों गिरफ्तार किया। अधिकारियों ने बृहस्पतिवार को यह जानकारी दी। शिकायतकर्ता ने आरोप लगाया था कि एक भूमि विवाद की जांच के दौरान खुशगाल ने उन पर गैंगस्टर एक्ट लगाने की धमकी देकर पांच लाख रुपये रिश्वत मांगी।
रिश्वत लेने पर विवेचनाधिकारी निलंबित
जनवरी 2024: विजिलेंस की देहरादून इकाई ने हरिद्वार के बहादराबाद थाने की शांतरशाह चौकी पर 40 हजार की डिमांड कर रहे विवेचनाधिकारी पंकज कुमार की धरपकड़ के लिए छापा मारा था। रिश्वत की रकम ले रहे पीआरडी जवान सुरेंद्र को विजिलेंस ने दबोच लिया था। बाद में एसएसपी ने पंकज कुमार को निलंबित कर दिया था।
जनता ने की पुलिस के विरुद्ध 174 शिकायतें
उत्तराखंड पुलिस अधिकारियों और कर्मचारियों के विरुद्ध वर्ष 2024 में जनता ने कुल 174 शिकायतें दर्ज कराई हैं। यह खुलासा राज्य पुलिस शिकायत प्राधिकरण की वार्षिक रिपोर्ट 2024 में हुआ। रिपोर्ट के मुताबिक राज्य पुलिस शिकायत प्राधिकरण में अपर पुलिस अधीक्षक व उससे उच्च स्तर के अधिकारियों के खिलाफ 18 शिकायतें दर्ज हुईं। वहीं, गढ़वाल मंडल की 97 शिकायतें जिला शिकायत प्राधिकरण देहरादून और कुमाऊं मंडल की 59 शिकायतें जिला शिकायत प्राधिकरण हल्द्वानी को मिलीं। इनमें से 10 मामलों में कार्रवाई की सिफारिश की गई।



