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आठ किमी पैदल चलकर आपदा प्रभावित क्षेत्र में पंहुचे डीएम और एसएसपी  

DM and SSP reached the disaster affected area by walking eight km.

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आठ किमी पैदल चलकर आपदा प्रभावित क्षेत्र में पंहुचे डीएम और एसएसपी

देहरादून, 17 सितंबर 2025: राज्य में अचानक आई भीषण अतिवृष्टि ने जनजीवन को अस्त-व्यस्त कर दिया है। भारी बारिश के कारण जनपद के कई हिस्से बाढ़ और भूस्खलन की चपेट में आ गए, जिससे हजारों लोग संकट में फंस गए। ऐसी भयंकर आपदा के दौरान जब संपर्क मार्ग कट गए और संचार व्यवस्था बाधित हो गई, वहीं जिले के जिलाधिकारी सविन बसंल और वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक ने न केवल प्रशासन की तत्परता का परिचय दिया, बल्कि लगभग 8 किलोमीटर पैदल चलकर प्रभावित इलाकों तक पहुंचकर राहत कार्यों का सफल संचालन किया।

आपदा की सूचना मिलते ही प्रशासन पूरी तरह सक्रिय

15 सितंबर की रात्रि से ही जिला प्रशासन ने अलर्ट मोड कर दिया था। आपदा की पहली सूचना मिलते ही जिलाधिकारी ने आईआरएस सिस्टम से जुड़े विभागों के अधिकारियों को तत्काल आपदा स्थल की ओर रवाना किया। पूरा प्रशासन 24 घंटे चौकस रहा, अधिकारियों ने पल-पल की स्थिति की मॉनिटरिंग की और राहत कार्यों के लिए आवश्यक दिशा-निर्देश जारी किए। डीएम ने एयरपोर्ट पर लोकसभा अध्यक्ष का प्रोटोकॉल ड्यूटी निभाने के बाद आपदा कंट्रोल रूम पहुंचकर आपदा राहत कार्यों का समन्वय किया।
जिले के कार्लीगाड और मजाड़ जैसे दूरदराज प्रभावित क्षेत्रों तक पहुंचना बेहद कठिन था क्योंकि दोनों तरफ से संपर्क मार्ग कट चुके थे। ऐसे में डीएम और एसएसपी ने फोर्स के साथ लगभग 8 किलोमीटर पैदल चलकर आपदाग्रस्त इलाकों का दौरा किया। वहाँ 24 घंटे से फंसे लगभग 70 लोगों को रेस्क्यू कर सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया। राहत कार्यों के दौरान उन्होंने खुद प्रभावितों से मिलकर ढांढस बंधाया और जिला प्रशासन की ओर से हर संभव सहायता का भरोसा दिया।

प्रभावित परिवारों के लिए राहत योजना

जिला प्रशासन ने प्रभावित परिवारों के लिए राहत शिविरों का संचालन तो किया ही, साथ ही सुरक्षित स्थानों पर शिफ्ट होने वाले परिवारों को प्रति परिवार तीन माह तक 4-4 हजार रुपये मासिक किराया देने की योजना भी लागू की है। प्रभावितों के लिए 5 होटलों को अधिग्रहित कर वहां आरामदायक आवास की व्यवस्था की गई है, जिससे वे सुरक्षित और सम्मानजनक तरीके से रह सकें।

प्रशासन का प्रतिबद्ध रवैया

जिलाधिकारी सविन बसंल ने कहा, “आपदा, मुसीबत या अनहोनी को न्यून करना हमारा दायित्व है और हम इसके लिए प्रतिबद्ध हैं। प्रभावित परिवारों को हर संभव सहायता देने के लिए प्रशासन पूरी तरह तत्पर है।” उन्होंने प्रभावितों से बातचीत कर उनकी समस्याएं सुनीं और राहत कार्यों की गति को तेज करने के निर्देश अधिकारियों को दिए।
वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक ने क्षेत्र में सुरक्षा व्यवस्था एवं यातायात नियंत्रण के लिए पुलिस बल को आवश्यक दिशा-निर्देश जारी किए, ताकि राहत सामग्री वितरण में कोई बाधा न आए।

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